मुंगेर से वीरेंद्र कुमार सिंह की रिपोर्ट: जिला परिषद मुंगेर की ओर से आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक आय-व्यय का लेखा-जोखा पेश कर दिया गया है. परिषद द्वारा पारित इस बजट में आय की तुलना में व्यय का लक्ष्य अधिक रखा गया है, जिसके चलते 2.83 करोड़ रुपये का घाटा दर्शाया गया है.
18.35 करोड़ व्यय का लक्ष्य, विकास योजनाओं पर जोर
प्रस्तुत बजट विवरण के अनुसार, आगामी वित्तीय वर्ष में परिषद की कुल अनुमानित आय 15,52,13,019 रुपये आंकी गई है. वहीं, विभिन्न विकास कार्यों और प्रशासनिक मदों में होने वाला कुल अनुमानित व्यय 18,35,64,796 रुपये निर्धारित किया गया है. इस प्रकार, बजट में कुल 2,83,51,777 रुपये का घाटा अनुमानित है. बजट में क्षेत्रीय विकास, ग्रामीण सड़कों का संजाल, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष प्रावधान किए गए हैं.
संसाधनों के प्रबंधन से घाटे को पाटने की कोशिश
बजट घाटे के कारणों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि विकास योजनाओं के विस्तार और प्रशासनिक खर्चों में हुई वृद्धि की वजह से यह अंतर आया है. जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अजीत कुमार सिंह ने कहा कि परिषद अपने आंतरिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और राज्य सरकार से प्राप्त होने वाले अतिरिक्त वित्तीय सहयोग के जरिए इस बजटीय घाटे को संतुलित करने का हरसंभव प्रयास करेगी.
जनहित की योजनाओं को दी गई प्राथमिकता: अध्यक्ष
जिला परिषद अध्यक्ष साधना देवी ने बजट पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इसमें जनहित की योजनाओं को सर्वोपरि रखा गया है. उन्होंने जिलेवासियों को आश्वस्त किया कि बजटीय घाटे के बावजूद मुंगेर के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी. हालांकि, आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित आय के स्रोतों के बीच इतने बड़े घाटे को संतुलित करना जिला परिषद के लिए एक बड़ी चुनौती होगी. वहीं, स्थानीय ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस भारी-भरकम बजट के प्रावधानों से जिले के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा.
