गतिरोध. रोज जाम से जूझ रहा है शहर, लेकिन लगातार टल रही बैठक
शहर को अतिक्रमण मुक्त कराने को लेकर वरीय अधिकारियों की बैठक का मामला लगातार टलता जा रहा है. इस कारण अतिक्रमण हटाओ अभियान भी ठप है. यूं तो शहर के पटेल चौक से लेकर गांधी चौक तक की सड़क चौड़ी दिख रही है. किंतु फुटपाथ पर पुन: दुकानें सजने लगी हैं. इस प्रकार अतिक्रमण हटाओ अभियान पर दो दिनों में ही ब्रेक लग गया. अब फुटपाथी दुकानदार जिला प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं.
मुंगेर : सात एवं आठ दिसंबर को शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान प्रारंभ किया गया. दो जेसीबी मशीन, 50 से अधिक गैता-खंती से लैस मजदूर के साथ एसडीओ डॉ कुंदन कुमार, एएसपी ललित मोहन शर्मा, नगर निगम की महापौर कुमकुम देवी एवं नगर आयुक्त एसके पाठक के नेतृत्व में पहले दिन अस्पाताल रोड से एक नंबर ट्रैफिक होते हुए पंडित दीन दयाल चौक एवं दूसरे दिन पूरबसराय तक फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त कराया गया. दुकानों की देहरी तोड़ी गयी वहीं सड़क किनारे लगे झोपड़ी व शेड को हटा दिया गया. लेकिन दो दिन के इस अभियान पर अचानक ब्रेक लग गया और बताया गया कि जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक के बाद पुन: अभियान चलाया जायेगा.
दोहरी नीति का आरोप
अतिक्रमणमुक्ति अभियान पर ब्रेक लगने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे है. अतिक्रमण मुक्ति के दौरान इन दोनों मार्गों के पीड़ित दुकानदार के साथ ही फुटपाथी दुकानदार प्रशासन पर दोहरी नीति का आरोप लगा रहे हैं. प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि यह प्रशासन का कौन सा अभियान है जो एक मार्ग को खाली कराने के बाद बंद कर दिया गया. प्रशासन को चाहिए कि जब अभियान चला तो सभी मार्गों से अतिक्रमण हटाया जाना चाहिए. आज भी कोतवाली थाना से लेकर नीलम चौक, बेकापुर के पसरट्टा पट्टी, कौड़ा मैदान, विजय चौक, जुबली वेल एवं सादीपुर पथ अतिक्रमणकारियों की चपेट में है.
मुख्य सड़क से हटायी गयी दुकानें फिर से लगने लगीं
फिर से ठेला लगना शुरू
सदर अस्पताल मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराया गया. लेकिन इस मार्ग में पुन: गैराज संचालकों ने अपना कारोबार प्रारंभ कर दिया. जबकि एक नंबर ट्रैफिक के साथ ही अतिक्रमण मुक्त कराये गये मार्ग पर पुन: दुकानें सजने लगी है. इतना ही नहीं ठेला वालों ने अपने-अपने स्थान पर दुकान लगाना प्रारंभ कर दिया. खासकर फुटपाथ पर पुन: बाजार लग रही है.
अतिक्रमण मुक्त रखना थाना का दायित्व
अतिक्रमणमुक्त सड़कों पर पुन: अतिक्रमण न लगे इसके लिए पूरी तरह से संबंधित थाना को दायित्व सौंपा गया है. न्यायालय के आदेशानुसार इसके लिए संबंधित थाना पूरी तरह से जिम्मेवार होता है. सदर अनुमंडल पदाधिकारी डॉ कुंदन कुमार ने कहा कि जिन मार्गों को अतिक्रमणमुक्त कराया गया है. उन मार्गों पर पुन: अतिक्रमणकारियों का कब्जा न हो इसके लिए कोतवाली थाना एवं पूरबसराय ओपी को लिखित में कार्रवाई के लिए लिखा गया है. थाना को चाहिए कि वे अपने स्तर से कार्रवाई जारी रखें. इस मुद्दे पर वे खुद पुलिस अधीक्षक एवं एएसपी से बात करेंगे.
