मार्केट कॉम्प्लेक्स का होगा निर्माण निर्णय. नगर निगम के राजा बाजार को किया जायेगा ध्वस्त

निगम बोर्ड की बैठक में उपस्थित अधिकारी. नगर निगम बोर्ड की बैठक में बुधवार को राजा बाजार को ध्वस्त करने का निर्णय लिया गया. बताया गया कि नगर निगम यहां बहुमंजिले मार्केट कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना बना रहा है. इसका डीपीआर शीघ्र तैयार किया जायेगा. मुंगेर : मुंगेर शहर के कोतवाली थाना के सामने स्थित […]

निगम बोर्ड की बैठक में उपस्थित अधिकारी.

नगर निगम बोर्ड की बैठक में बुधवार को राजा बाजार को ध्वस्त करने का निर्णय लिया गया. बताया गया कि नगर निगम यहां बहुमंजिले मार्केट कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना बना रहा है. इसका डीपीआर शीघ्र तैयार किया जायेगा.
मुंगेर : मुंगेर शहर के कोतवाली थाना के सामने स्थित नगर निगम के राजा बाजार को ध्वस्त किया जायेगा. इसके साथ ही वहां एक अत्याधुनिक मार्केट कॉम्प्लेक्स बनाया जायेगा. इसके नीचे बेसमेंट में पार्किंग की सुविधा होगी. ऊपर दुकान रहेगा. उक्त निर्णय बुधवार को नगर निगम बोर्ड की बैठक में लिया गया. बैठक की अध्यक्षता महापौर कुमकुम देवी ने की. मौके पर उपमहापौर बेबी चंकी सहित नगर आयुक्त डॉ एसके पाठक मुख्य रूप से मौजूद थे.
शहर के मध्य स्थित राजा बाजार का अंदरूनी क्षेत्र जिसका सब्जी मंडी के रूप में उपयोग होता रहा है. वहीं बाहरी क्षेत्र में स्टॉल बनाकर दुकान आवंटित किया गया था. यह क्षेत्र नगर निगम का है. पर भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है. कई बार इसके विकास की योजना तो बनी, किंतु मूर्त रूप नहीं ले पायी. नगर निगम ने पुन: राजा बाजार को ध्वस्त कर बहुमंजिला मार्केट कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना बना रहा है. इसका डीपीआर शीघ्र तैयार किया जायेगा.
फेरी सेवा के संकट पर हुआ विचार:
मुंगेर गंगा रेल पुल के चालू हो जाने के बाद मुंगेर फेरी सेवा पर संकट उत्पन्न हो गया है. फेरी सेवा मुंगेर नगर निगम के आय का एक बड़ा स्त्रोत रहा है. इसके माध्यम से निगम को लगभग 17 लाख रुपये प्रतिवर्ष प्राप्त हो रहा था, पर 31 दिसंबर 2016 को फेरी सेवा की अवधि खत्म हो जायेगी. निगम द्वारा लगातार अगले वर्ष साल बंदोबस्ती के लिए निविदा निकाली जा रही है, किंतु उसमें कोई भाग नहीं ले रहा. इस पर निगम बोर्ड की बैठक में काफी चर्चा हुई
. नगर आयुक्त ने बताया कि वर्तमान में फेरी सेवा के संचालक ने कहा है कि दो लाख रुपये प्रतिवर्ष वे दे पायेंगे. इस मुद्दे पर चर्चा के बाद निर्णय लिया गया कि इस मामले को नगर विकास विभाग को भेज कर मार्गदर्शन मांगा जाय.
पेयजलापूर्ति कार्य को मिली गति: निगम बोर्ड की बैठक में बताया गया कि नयी पेयजलापूर्ति योजना के लिए कष्टहरणी घाट में बिजली का ट्रांसफॉर्मर लगाया जाना है. इसके लिए जिंदल कंपनी को ट्रांसफॉर्मर के लिए स्वीकृति दी गयी, लेकिन बताया गया कि खास महाल की जमीन होने के कारण जिलाधिकारी से भी अनुमति लिया जाये. उसके बाद ही ट्रांसफॉर्मर लगाने की कार्रवाई की जाय. वहीं वार्ड पार्षद गोविंद मंडल ने पेयजल पर सवाल उठाया और कहा कि कस्तूरबा वाटर वर्क्स से 200 मीटर की दूरी वाले क्षेत्र में भी पेयजल मुहैया नहीं कराया जा रहा है. इसके लिए कस्तूरबाकर्मी को कई बार कहा गया. लेकिन पेयजल नहीं उपलब्ध कराया गया.
एनजीओ को मिली 15 दिन की मोहलत
पार्षद फैसल अहमद रुमी ने चहल्लुम के दौरान लचर सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाया और कहा कि गंदगी के बीच ही ताजिया जुलूस निकाला गया. इस पर मेयर कुमकुम देवी ने बताया कि एनजीओ कर्मियों के हड़ताल पर रहने के कारण सफाई व्यवस्था चरमरायी है. कई पार्षदों ने एनजीओ से काम नहीं कराने का प्रस्ताव दिया, लेकिन नगर आयुक्त ने कहा कि एनजीओ संचालक से वार्ता कर जीपीएफ खाता खोलने के लिए 15 दिन का समय दिया जायेगा. यदि ऐसा नहीं होता है निगम एनजीओ की निविदा रद्द कर देगा. मौके पर वार्ड पार्षद राजेश ठाकुर, रवीश चंद्र वर्मा, हीरो कुमार यादव, मो जाहिद, मो शाहिद, सुजीत पोद्दार, सुनील राय, नीलू सिंह सहित अन्य मौजूद थे.

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