हत्याकांड में मां मीणा देवी ने 19 लोगों को किया है नामजद
अब तक 15 हिरासत में
मुंगेर : कुख्यात सूरजा उर्फ झरकहवा हत्याकांड में पुलिस दबाव के कारण नामजद अपराधियों के न्यायालय में आत्मसमर्पण का सिलसिला जारी है. गुरुवार को भी तीन नामजद अपराधियों ने पुलिस की दबिश एवं कुर्की की कार्रवाई से अपने संपत्ति की रक्षा के लिए न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया. आत्म समर्पण करने वालों में कासिम बाजार थाना क्षेत्र के घोषी टोला निवासी शंभू यादव, कमल यादव एवं उसका पुत्र बैगन यादव उर्फ विक्की यादव शामिल हैं.
सूरजा हत्याकांड में मृतक की मां मीणा देवी ने 19 लोगों को नामजद किया है. जबकि पुलिसिया अनुसंधान में हत्या के समय सूरजा के साथ मौजूद दो लोगों को लाइनर की भूमिका निभाने के आरोप में कांड में अप्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया है. इस हत्याकांड में पहले से ही पवन मंडल व सुदर्शन यादव जेल में बंद है तो धरमा यादव को पुलिस ने हत्या वाले दिन ही गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस ने लाल दरवाजा निवासी चिंटू साह को गिरफ्तार किया है. जिसने पूरे मामले का खुलासा भी कर दिया. माना जा रहा है कि सूरजा के हत्या में कुछ बाहरी अपराधियों ने भी भूमिका निभायी है. पुलिस अधीक्षक आशीष भारती कांड के सभी नामजद अभियुक्तों को सलाखों को पीछे करने के लिए लगातार दबाव बनाये हुए हैं और इसी का परिणाम है कि अबतक तीन अपराधी जहां पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये. वहीं दस अपराधियों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है. बुधवार को शास्त्रीनगर निवासी मंजीत मंडल ने आत्मसमर्पण किया था. जबकि मंगलवार को लालदरवाजा निवासी नीरज कुमार, छोटू राम, हीरा यादव, मकससपुर निवासी सुब्बा मंडल, शेरू एवं बिंदवारा निवासी प्रिंस सिंह ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया.
होगी कुर्की
पुलिस अधीक्षक आशीष भारती ने बताया पुलिस दबिश के कारण अपराधी न्यायालय में आत्मसमर्पण कर रहे हैं. जो अपराधी बच गये हैं उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. जबकि उन अपराधियों के खिलाफ कुर्की कार्रवाई के लिए न्यायालय से अनुरोध किया गया है. कुर्की जब्ती आदेश मिलने के बाद सख्ती से उसका अनुपालन कराया जायेगा.
