समीक्षा बैठक. राज्य के नि:शक्तता आयुक्त ने कहा, दिव्यांगों को दें सम्मान
राज्य के नि:शक्तता आयुक्त अरविंद कुमार सिंह ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे दिव्यांगों के साथ सलीके से पेश आएं और उनके लिए जो कानून के प्रावधानों के तहत हक हैं, उसका अक्षरश: अनुपालन करें. वे मंगलवार को समाहरणालय में आयोजित अधिकारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहें थे.
मुंगेर : नि:शक्तता आयुक्त अरविंद कुमार सिंह ने सरकार के निर्देश का हवाला देते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं से लेकर सार्वजनिक स्थानों पर दिव्यांगों के लिए जो प्रावधान तय किए गए हैं उसका अनुपालन सुनिश्चत कराना राज्य नि:शक्तता आयोग का काम है. बैठक में उन्होंने विंदुवार जानकारी ली. उपविकास आयुक्त से उन्होंने इंदिरा आवास तथा मनरेगा में दिव्यागों के आंकड़े से संदर्भ में पूछा, वही अपर समाहर्ता से भूमि वितरण और अन्य संबधित मामलों के संदर्भ में पूछा.
आपूर्ति विभाग से यह पूछा गया कि कितने दिव्यांगों के जनवितरण प्रणाली की दुकानें हैं। समीक्षा के क्रम में शिक्षा विभाग से स्थापना, विदयालयों में शिक्षकों की संख्या, और छात्रों की संख्या के संदर्भ में जानकारी ली. मामले हस्तक्षेप करते हुए अपर नि:शक्तता आयुक्त कुशेश्वर दास ने कहा कि प्रावधानों के मुताविक हर विद्यालयों में विशेष शिक्षक होने के साथ उनके पठनपाठन का प्रावधानो के साथ बच्चों को आवश्यक उपकरण भी मुहैया कराने जाने चाहिए. इसी तरह की सुविधाओं का ख्याल आंगनबाड़ी में भी रखा जाना चाहिए.
बैठक में सामाजिक सुरक्षा योजना के लाभान्वितों में दिव्यांगों के संख्या के संदर्भ में और उन्हे विभाग की ओर से दिए जानेवाले उपकरणों के संदर्भ में भी जानकारी ली. नि:शक्त्ता आयुक्त ने कहा कि सार्वजनिक भवनों में रैम्प की आवश्यकता बतायी. तो सड़को पर भी खास चिन्ह अंकित किए जाने को कहा. उन्होंने परिवहन विभाग के निर्देश दिया
कि सभी सवारी बसों में आगे की दो सीट को दिव्यांगों के लिए आरक्षित करना सुनिश्चित करें. इसके अतिरिक्त सड़क सुरक्षा के अंतर्गत स्कूल, अस्पताल एवं सघन आबादी वाले जगह जहां सड़क जाती हो, वहां जेबरा क्रॉसिंग बनवायें. भवन निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि पुराने सरकारी भवनों में दिव्यांगों के लिए रैंप बनवाना सुनिश्चित करें.
समीक्षा बैठक में जिला पदाधिकारी उदय कुमार सिंह, उपविकास आयुक्त रामेश्वर पाडेय, सदर अनुमंडलाधिकारी कुंदन कुमार, तारापुर अनुमंडलपदाधिकारी, सामाजिक सुरक्षा के पदाधिकारी के साथ-साथ विभिन्न विभागों के तकनिकी और प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित थे.
