ठंड की आहट, तैयारी शुरू, 8.55 लाख से रैनबसेरा का होगा जीर्णोद्धार
मुंगेर : नगर निगम प्रशासन ने फुटपाथ पर जिंदगी गुजारने वाले एवं रैन बसेरा में रहने वाले गरीबों के ठिठुरने की पूरी तैयारी कर ली है. अब जबकि अगहन का महीना प्रवेश करने वाला है तो निगम प्रबंधन ने अस्पताल रोड स्थित रैन बसेरा के जीर्णोद्धार की प्रक्रिया प्रारंभ की है. 8.55 लाख की लागत […]
मुंगेर : नगर निगम प्रशासन ने फुटपाथ पर जिंदगी गुजारने वाले एवं रैन बसेरा में रहने वाले गरीबों के ठिठुरने की पूरी तैयारी कर ली है. अब जबकि अगहन का महीना प्रवेश करने वाला है तो निगम प्रबंधन ने अस्पताल रोड स्थित रैन बसेरा के जीर्णोद्धार की प्रक्रिया प्रारंभ की है. 8.55 लाख की लागत से इस रैनबसेरा का जीर्णोद्धार किया जायेगा जिसकी समयावधि है तीन माह. अर्थात अगहन, पूस व माघ माह की ठिठुरती ठंडी में गरीबों को खुले आकाश के नीचे रहना होगा.
गांव में एक पुरानी कहावत प्रचलित है ‘’ भोज घड़ी कोहरा रोपे छैय ‘’. मुंगेर नगर निगम इसी तर्ज पर कार्य कर रही है. अगहन, पूस व माघ की रात गरीबों के लिए काफी पीड़ादायक व ठिठुरन भरी रात होती है. जहां फुटपाथ पर रहने वाले गरीबों को सर छुपाने के लिए जगह चाहिए. सरकार ने भी ऐसे लोगों के लिए रैनबसेरा की व्यवस्था की है. लेकिन मुंगेर नगर निगम द्वारा ठंड के मौसम में रैनबसेरा के जीर्णोद्धार का निर्णय लिया गया है और उसकी प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गयी है. अर्थात इस ठंड में मुंगेर शहर के रैनबसेरा में सर छुपाने वाले गरीबों के लिए पीड़ादायक होगा.
प्रशासनिक स्तर पर निविदा प्रकाशित
ठंड गिरते ही नगर निगम प्रशासन को रैनबसेरा के जीर्णोद्धार की याद आयी. नगर निगम प्रबंधन ने 13 वें वित्त मद से कुल 8 लाख 55 हजार 600 रुपये की लागत से अस्पताल रोड स्थित रैनबसेरा के जीर्णोद्धार का प्राक्कलन तैयार किया है. इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर निविदा प्रकाशित की गयी है. इसके लिए 1 दिसंबर को निविदा जमा होना है और 2 दिसंबर को निविदा खोला जायेगा. बताया जाता है कि इस कार्य के लिए 90 दिनों का समय निर्धारित किया गया है. जाहिर है कि दिसंबर, जनवरी व फरवरी माह में जीर्णोद्धार का कार्य होगा. इस दौरान रैनबसेरा में गरीबों का रहना मुमकिन नहीं. फलत: खुले आसमान के नीचे ही उन्हें रात गुजारनी होगी.