अवधूत महासम्मेलन. जर्मनी, अरब, चीन, हांगकांग, ताइवान, अमेरिका से भी जुटे अनुयायी
जमालपुर में पहली बार आनंदमार्ग की अवधूत महासभा का आयोजन किया गया है. पांच दिवसीय कार्यक्रम का समापन मंगलवार को होगा.
जमालपुर : आनंदमार्ग अश्रम वलीपुर में आनंदमार्ग प्रचारक संघ के तत्वावधान में अवधूत महासभा जारी है. पांच दिवसीय इस कार्यक्रम का समापन मंगलवार 25 अक्तूबर को होगा. इसका निर्देशन आनंदमार्ग के पुरोधा प्रमुख आचार्य विश्वदेवानंद अवधूत कर रहे हैं.
यह जानकारी केंद्रीय जनसंपर्क सचिव आचार्य सत्यश्रेयानंद अवधूत ने देते हुए बताया कि स्थापना के बाद पहली बार बाबा की जन्म नगरी में इसका आयोजन किया गया है. उन्होंने बताया कि वास्तव में अवधूत पृथ्वी की सभी कालिमाओं को धोने के लिए सतत प्रयत्नशील रहते हैं. तंत्र में अवधूत को द्वितीय महेश्वर की संज्ञा दी गयी है.
अवधूतों के मानदंड को बरकरार रखने तथा विश्व की तत्कालीन समस्याओं को दूर करने में अवधूतों की भूमिका की तलाश के लिए अवधूत महासभा का आयोजन किया गया है. आज पूरी दुनिया विखंडन, भ्रष्टाचार, अनाचार तथा व्यभिचार और त्रुटिपूर्ण सामाजिक-आर्थिक दर्शन के साथ आतंकवाद से त्रस्त है. मानव समाज से मुक्ति दिलाने के लिए अवधूतों की महती भूमिका है. वे इन समस्याओं के समाधान के समाधान के लिए विभिन्न सत्रों में समीक्षा कर रहे हैं. साथ ही गहन साधाना का अभ्यास कर एक विराट आध्यात्मिक तरंग का जागरण कर विश्व मानस में भगवत धर्म के भाव को जागृत कर रहे हैं.
इसमें देश के विभिन्न भागों के साथ ही जर्मनी, अरब, चीन, हांगकांग, ताइवान तथा अमेरिका के लगभग तीन हजार से अधिक अवधूत एवं अवधूतिकाएं शामिल हो रही हैं. इस महासभा में मुख्य रूप से केंद्रीय अवधूत बोर्ड के सचिव आ अमलेशानंद अवधूत, सदस्य आ अपनिद्रनंद अवधूत, आचार्या आनंद अभिसंबुद्धानंद अवधूतिका,
आ सर्वगानंनद अवधूत शामिल हैं. दूसरी ओर संध्या में आश्रम से एक विशाल जुलूस निकाला गया, जो सदर बाजार रोड, जुबलीवेल चौक, स्टेशन चौक, लोको रोड, छह नंबर गेट, भारत माता चौक होते हुए वापस आश्रम पहुंचा.
