नहीं थम रहा डायरिया का प्रकोप

प्रतिदिन डायरिया के 20-25 रोगी पहुंच रहे सदर अस्पताल मुंगेर : इन दिनों डायरिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है़ औसतन 20-25 मरीज प्रतिदिन डायरिया से पीड़ित होकर इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंच रहे हैं. जिसमें सबसे अधिक संख्या शहरी क्षेत्र के लोगों की है़ हाल यह है कि आइसूलेशन […]

प्रतिदिन डायरिया के 20-25 रोगी पहुंच रहे सदर अस्पताल

मुंगेर : इन दिनों डायरिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है़ औसतन 20-25 मरीज प्रतिदिन डायरिया से पीड़ित होकर इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंच रहे हैं. जिसमें सबसे अधिक संख्या शहरी क्षेत्र के लोगों की है़ हाल यह है कि आइसूलेशन वार्ड में जगह नहीं मिलने के कारण रोगियों को दूसरे वार्डों में शिफ्ट किया जा रहा है़
प्रतिदिन 20-25 मरीज पहुंच रहे अस्पताल : आइसुलेशन वार्ड में ड्यूटी पर तैनात नर्स संगीता कुमारी ने बताया कि प्रतिदिन 20-25 डायरिया के मरीज इलाज के लिए अस्पताल में भरती हो रहे हैं. वैसे तो आइसूलेशन वार्ड में कुल 12 मरीजों के लिए ही बेड की व्यवस्था है, किंतु मरीजों की संख्या बढ़ जाने पर उसे बगल के सर्जिकल वार्ड तथा पोर्टिकों में भी बेड उपलब्ध कराया जा रहा है़
शहरी क्षेत्र के लोग अधिक परेशान : सदर अस्पताल में भरती डायरिया के मरीजों के अनुसार सबसे अधिक शहरी क्षेत्र के लोग इस बीमारी से ग्रसित पाये गये़ जिसमें हेरुदियारा, छोटी मिर्जापुर, घोषीटोला व मिन्नत नगर के लोग शामिल हैं. वहीं सदर प्रखंड के दरियापुर तथा बरियारपुर प्रखंड के मरीजों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है़ छोटी मिर्जापुर निवासी मरीज राजीव कुमार ने बताया कि उनके मोहल्ले में चापाकल का पानी दूषित हो गया है, जिसके कारण लोग डायरिया के शिकार हो रहे हैं. वहीं हेरुदियारा निवासी कविता देवी ने बताया कि उन्होंने न तो कोई ऐसा भोजन किया जिससे डायरिया होने की संभावना हो और न ही वह दूषित जल का सेवन ही करते हैं. बावजूद उसे डायरिया का शिकार होना पड़ा़ घोषीटोला की मरीज प्रिया कुमारी, हेरुदियारा की रूना देवी, मिन्नत नगर की असरून बेगम, छोटी मिर्जापुर की फूलो देवी तथा बरियारपुर की रजनी कुमारी ने खान- पाने में परहेज नहीं करने बात को स्वीकारा़
कहते हैं चिकित्सक
चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रामप्रीत सिंह ने बताया कि अभी मौसम में बदलाव हो रहा है़ ऐसे मौसम में सुपाच्य व ताजा भोजन करना ही स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं. बासी भोजन व फास्टफूड से लोगों को परहेज करने की जरूरत है़ इसके अलावे पेयजल पर सबसे अधिक ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि डायरिया को बढ़ावा देने में दूषित जल की बड़ी भूमिका रहती है़
पोर्टिको में इलाज रत डायरिया के मरीज.

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