मुंगेर : नमामि गंगे के तहत मुंगेर शहर के छह गंगा घाटों का सौंदर्यीकरण किया जायेगा. इसके लिए जहां निगम द्वारा एनओसी दे दिया गया है. वहीं तीन गंगा घाट सोझी घाट, बबुआ घाट व कष्टहरणी घाट की परियोजना की प्रशासनिक स्वीकृति मिल गयी है. इन घाटों के सौंदर्यीकरण पर 44 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. रीवर फ्रंट डेवलपमेंट प्लान के तहत गंगा घाट का सौंदर्यीकरण किया जाना है. जिसे 18 से 24 माह में तैयार किया जायेगा. गंगा घाटों पर पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लाउंचिंग एप्रॉन, ड्रिकिंग वाटर, टॉयलेट, कॉम्युनिटी हॉल, लाइटिंग की व्यवस्था रहेगी.
44 करोड़ से मुंगेर के गंगा घाटों का होगा सौंदर्यीकरण
मुंगेर : नमामि गंगे के तहत मुंगेर शहर के छह गंगा घाटों का सौंदर्यीकरण किया जायेगा. इसके लिए जहां निगम द्वारा एनओसी दे दिया गया है. वहीं तीन गंगा घाट सोझी घाट, बबुआ घाट व कष्टहरणी घाट की परियोजना की प्रशासनिक स्वीकृति मिल गयी है. इन घाटों के सौंदर्यीकरण पर 44 करोड़ रुपये खर्च किये […]

छह घाटों का मिला एनओसी : यूं तो नगर निगम द्वारा नमामि गंगे के तहत छह गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण के लिए एनओसी दे दिया गया है. जिसके तहत सोझी घाट, बबुआ घाट, कष्टहरणी घाट, श्मशान घाट, बेलबा घाट एवं कंकड़ घाट के सौंदर्यीकरण के लिए निविदा की प्रक्रिया चल रही है. इन गंगा घाटों को 44 करोड़ की लागत से सौंदर्यीकरण किया जाना है. इन घाटों का सौंदर्यीकरण रीवर फ्रंट डेवलपमेंट प्लान के तहत किया जाना है. जिसमें दुमंठा घाट व हेरूदियारा घाट शामिल नहीं है.
बनेगा प्रदूषण मुक्त शवदाह गृह : श्मशान घाट में मुर्दों को जलाने के लिए क्रेमेटोरियम (शवदाह गृह ) कॉम्पलेक्स का निर्माण कराया जायेगा. जिसमें शव को जलाने के लिए प्लेटफॉर्म बनाया जायेगा जो लकड़ी से जलेगा. शव जलने के दौरान उठने वाले धुएं के लिए चिमनीनुमा प्लांट लगाया जायेगा. जिससे धुआ प्रदूषण मुक्त वातावरण में प्रवाहित होगी. इतना ही नहीं वहां वेटिंग हॉल, श्राद्ध कार्यक्रम के समान एवं ऑफिस की भी व्यवस्था रहेगी. ताकि श्राद्धकर्म करने वाले लोगों को सामग्री के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा.
गंगा घाट पर अनुष्ठान के लिए बनेगा मंच
गंगा घाट पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को अनुष्ठान के लिए मंच बनाया जायेगा. ताकि श्रद्धालु स्नान के बाद भगवान का ध्यान कर सकें. इसके साथ ही महिलाएं एवं पुरुषों के लिए कपड़े बदलने के लिए कमरे की व्यवस्था रहेगी. इसके साथ ही सभी गंगा घाट पथ-वे से इंटर कनेक्टिंग रहेंगे. जिससे पर्यटक किसी भी गंगा घाट पर पहुंच कर पैदल चल कर गंगा घाटों के सौंदर्य का मुआयना कर सकते हैं. जिसमें बेलवा घाट, कंकड़ घाट, गोढ़ी टोला घाट, सोझी घाट, बबुआ घाट, कष्हरणी घाट, जहाज घाट, श्मशान घाट शामिल है. इन घाटों पर पार्क एवं पैदल चलने के लिए सड़क बनाया जायेगा.
छह घाट 24 महीने में हो जायेंगे तैयार
हाइमास्ट लाइट से जगमग रहेगा गंगा तट
गंगा तट पर हाई मास्ट लाइट एवं स्ट्रीट लाइट से जगमगाया जायेगा. ताकि रात्रि में भी पर्यटक मनोरम दृश्य का आनंद ले सकते हैं. यहां सुरक्षाकर्मी की भी तैनाती की जायेगी. साथ ही टेलीफोन बूथ, खाने-पीने एवं पार्किंग की भी व्यवस्था रहेगी. गंगा रीवर डेवलपमेंट के तहत घाट पर सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जायेगा. जहां विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम एवं महोत्सव का आयोजन होगा.
कहते हैं अधिकारी
नगर आयुक्त डॉ श्यामल किशोर पाठक ने बताया कि नमामि गंगे के तहत गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण के लिए छह घाटों को एनओसी दे दिया गया है. जिसके तहत तीन गंगा घाटों की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी है. जिसके टेंडर की प्रक्रिया चल रही है.