निर्देश. मुख्य सचिव ने आयुक्त व डीएम के साथ की विद्युत व्यवस्था की समीक्षा
मुख्य सचिव ने विद्युत पावर कंपनियों को आत्मनिर्भर बनने का निर्देश दिया. शत-प्रतिशत उपभोक्ताओं के घर मीटर िरडिंग के आधार पर िबल भेजने को कहा.
मुंगेर : राज्य के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह एवं ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रमंडलीय आयुक्त एवं जिलाधिकारी के साथ विद्युत व्यवस्था की समीक्षा की. मुख्य सचिव ने जहां विद्युत पावर कंपनियों को आत्मनिर्भर बनने का निर्देश दिया. वहीं शत-प्रतिशत उपभोक्ताओं के घर मीटर बिलिंग के आधार पर राजस्व वसूली के निर्देश दिये. वीसी में मुंगेर से आयुक्त नवीन चंद्र झा, जिला पदाधिकारी उदय कुमार सिंह सहित विद्युत विभाग के अभियंता मौजूद थे.
प्रधान सचिव ने विद्युत अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे अब सरकारी कर्मचारी नहीं बल्कि कंपनी के कर्मी हैं. इसलिए खुद आत्मनिर्भर बने. उन्होंने इस बात पर गहरी नाराजगी व्यक्त की कि विद्युत खपत के अनुरूप न तो शत-प्रतिशत बिलिंग हो पा रही है और न ही राजस्व की वसूली. मुख्य सचिव ने इसे गंभीर बताते हुए कहा कि यह व्यवस्था चलने वाली नहीं है. एक माह के दौरान सभी विसंगतियों को दूर करें. ताकि आगे का रास्ता सुदृढ हो. बिजली खपत के अनुसार अनुपात में राजस्व वसूली विद्युत विभाग के अधिकारियों व कर्मियों का दायित्व है. बैठक के दौरान ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव ने कहा कि अगले माह राज्य में 550 विद्युत कनीय अभियंताओं की बहाली हो रही है और जहां कहीं भी पद रिक्त हैं उसे पूरा किया जायेगा.
