डायन व जादू-टोना के आरोप में जान गंवा रही महिलाएं
मुंगेर : एक ओर जहां मंगल ग्रह पर बसने की तैयारी की जा रही है. वहीं आज भी मुंगेर में डायन व जादू-टोना पर लोग विश्वास कर रहे हैं. यही कारण है कि अंधविश्वास के कारण महिला उत्पीड़न की वारदात बढ़ती जा रही है. डायन व जादू-टोना के आरोप में महिलाएं जान भी गंवा रही. पिछले चार माह के दौरान जिले में डायन के आरोप में तीन-तीन महिला उत्पीड़न की वारदात हुई है. जबकि मंगलवार को तो मुफस्सिल थाना क्षेत्र के तेरासी चांयटोला में दिनदहाड़े देवरों ने मिल कर भाभी को ही काट डाला.
महिलाओं को प्रताड़ना से मुक्ति दिलाने के लिए सरकारी स्तर पर किये जा रहे प्रयासों के बीच का सच यह है कि आज भी उन्हें डायन के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा है. प्रताड़ना की शिकार महिलाओं में अधिकांश महिलाएं ग्रामीण क्षेत्र की है. गांव में अगर गाय अथवा बकरी भी बीमारी की वजह से मर जाती है तो इसके लिए आसपड़ोस की महिलाओं को डायन कह कर प्रताड़ित किया जाता. डायन प्रथा निषेध
अधिनियम 1999 के लागू होने के बावजूद महिला अत्याचार की शिकार हो रही है. नयारामनगर के हरदिया बाद, टेटियाबंबर के बनहरा के मघैयाचक सहित जिले में कई मामले डायन के आरोप में प्रताड़ना का सामने आ चुका है जो समाज को शर्मसार करता है.
28 जुलाई 2016 को गंगटा थाना क्षेत्र के मोतीतरी गांव में बद्री मांझी की पत्नी अनिता देवी की उसके पड़ोसियों ने बुरी तरह से पिटाई की. पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि गांव के ही विनोद मांझी व दिलीप मांझी के घर के सदस्य लगातार बीमार रहते थे. उनलोगों ने मुझे जादू-टोना करने का आरोप लगाते हुए डायन करार दिया और पिटाई की.
18 अक्तूबर 2016 को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मय पीरपहाड़ तेरासी टोला सुखदेव सिंह की पत्नी रेखा देवी को उसके देवरों ने ही दबिया से काट डाला. देवरों ने अपने भाभी पर आरोप लगाया था कि उसी के जादू-टोना से लगातार उन लोगों के परिवार के सदस्य की मौत हो रही है. हालांकि पुलिस ने इस मामले में एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है.
कहते हैं पुलिस अधीक्षक
पुलिस अधीक्षक आशीष भारती ने बताया कि सभी मामलों में अनुसंधान कर कार्रवाई की जा रही है. दोषियों को सजा दिलायी जायेगी.
