अब घर खाली करनी पड़ेगी

सख्ती. भूमि अधिग्रहण मामले में मकान मालिक को भेजा जायेगा नोटिस घोरघट पुल भूमि अधिग्रहण का मामला लंबे समय से पेंच में अटका हुआ है. लेकिन अब मुंगेर जिला प्रशासन ने ठोस कार्रवाई प्रारंभ कर दी है. जिसके प्रथम चरण में पैसा प्राप्त करने वाले मकान मालिक को मकान खाली कर हटने के लिए नोटिस […]

सख्ती. भूमि अधिग्रहण मामले में मकान मालिक को भेजा जायेगा नोटिस

घोरघट पुल भूमि अधिग्रहण का मामला लंबे समय से पेंच में अटका हुआ है. लेकिन अब मुंगेर जिला प्रशासन ने ठोस कार्रवाई प्रारंभ कर दी है. जिसके प्रथम चरण में पैसा प्राप्त करने वाले मकान मालिक को मकान खाली कर हटने के लिए नोटिस भेजा जायेगा. इसकी तैयारी शुरू कर दी गयी है.
मुंगेर : भूमि अधिग्रहण के कारण घोरघट पुल के निर्माण का ममाला लंबे समय से अटका हुआ है. 18 वैसे लोग थे जिनका मकान इस पुल निर्माण के कारण तोड़ दिया जायेगा. कानूनी प्रक्रिया के बाद 11 मकान मालिकों को नियमानुसार भूमि अधिग्रहण के लिए राशि उपलब्ध करा दिया गया है. इनमें कुछ लोगों को कोर्ट में राशि जमा कर भुगतान की कार्रवाई की गयी. अब वैसे सभी 11 मकान मालिकों को नोटिस भेजा जा रहा है कि नोटिस मिलने के एक सप्ताह के भीतर अपना मकान खाली कर दें अथवा प्रशासन खुद खाली करायेगा.
जबकि 7 वैसे लोग हैं जो मकान अगर छोड़ते है तो वे भूमिहीन व वासविहीन हो जायेंगे. वैसे लोगों से पूर्व में भी कहा गया था कि वे लोग अपने स्तर से जमीन की तालाश करें. अगर सरकारी जमीन होगी तो उन्हें पर्चा दिया जायेगा अथवा निजी खाली जमीन का नियमानुसार भुगतान कर जमीन खरीद कर उन्हें उपलब्ध करायी जायेगी. वैसे 7 लोगों को भी मकान खाली करने का नोटिस भेजा जायेगा.
जमीन का मुआवजा तो उन्हें दे दिया गया है. उन लोगों से जिला प्रशासन ने कहा है कि या तो वे लोग बासगीत का पर्चा ले अथवा जमीन की राशि ले. नोटिस मिलने के सात दिनों में उन्हें भी मकान खाली करना है. इधर मकान खाली करने पर आने वाले खर्च का भी भुगतान प्रति परिवार 15 हजार रुपया का भुगतान किया जायेगा.
11 मकान मािलकों को करा दी गयी है राशि उपलब्ध
करोड़ों खर्च हो गये कार्रवाई में
घोरघट पुल भुमि अधिग्रहण की कार्रवाई में अब तक 3 करोड़ 86 लाख रुपये खर्च किये जा चुके है. 18 लोगों को भुमि के बदले सरकारी स्तर पर 2 करोड़ 76 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है. जबकि 1 करोड़ 10 लाख रुपये भुमि अधिग्रहण की कार्रवाई पुरी करने में सरकारी स्तर पर कार्य निष्पादन में खर्च किया गया है.
नहीं हटे, तो चलेगा अतिक्रमण मुक्ति अभियान
प्रथम चरण में सभी 18 लोगों को प्रथम चरण में नोटिस भेजा जा रहा कि वे नोटिस मिलने के एक सप्ताह के अंदर मकान को खाली कर दे. ताकि पुल निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जा सके. माना जा रहा है कि अगर नोटिस मिलने के बाद तय समय सीमा में मकान को खाली नहीं किया जाता है तो जिला प्रशासन दूसरे चरण में अतिक्रमण मुक्ति अभियान चलायेगा. जिसके लिए प्रशासनिक स्तर पर एसडीओ एवं सीओ के नेतृत्व में टीम बनायी जायेगी जो इस अभियान को अमली जामा पहनायेंगे.
मकान खाली करने के लिए नोटिस भेजने की कार्रवाई की जा रही है. साथ ही 7 वैसे लोग जो भूमिहीन व वासहीन हो जायेंगे उनसे कहा गया है कि वे या तो बासगीत पर्चा ले अथवा बसोबास भूमि के लिए सरकार द्वारा तय राशि ले.
विजय कुमार, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी

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