चिकत्सिक व एएनएम के नहीं रहने से स्वास्थ्य सेवा प्रभावित

संग्रामपुर : सरकारी स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने का प्रयास सिर्फ कागजों पर सिमट कर रह गया है. आबादी के अनुसार स्वास्थ्य सुविधा के लिए नियुक्त चिकित्सकों के साथ-साथ एएनएम की कमी के कारण कोई कार्य ढंग से नहीं हो पा रहा है. क्या है स्थिति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर में चिकित्सकों के सात पद […]

संग्रामपुर : सरकारी स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने का प्रयास सिर्फ कागजों पर सिमट कर रह गया है. आबादी के अनुसार स्वास्थ्य सुविधा के लिए नियुक्त चिकित्सकों के साथ-साथ एएनएम की कमी के कारण कोई कार्य ढंग से नहीं हो पा रहा है. क्या है स्थिति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर में चिकित्सकों के सात पद सृजित हैं. इनमें तीन एमबीबीएस चिकित्सक तो बहाल है. परंतु पांच विशेषज्ञ चिकित्सक का पद रिक्त है.

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन 19 स्वास्थ्य उपकेंद्र एवं 3 अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र भी चल रहे हैं. इनमें आधे से अधिक अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र एवं उपकेंद्र एएनएम के अभाव में निष्क्रिय पड़े हैं. अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर के अलावे प्रखंड के रामपुर पतघाघर एवं दुर्गापुर में विधिवत अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र का शुभारंभ तीन वर्ष पूर्व किया गया. परंतु चिकित्सक एवं एएनएम की कर्मी के कारण सभी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य कंेद्र बेकार साबित हो रहे हैं. इनमें दुर्गापुर अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी के कारण बंद हो गया है.

पतघाघर में नियुक्त आयुष चिकित्सक को छह माह पूर्व ही शहरी स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिनियुक्त कर दिये जाने से यहां सिर्फ एक एएनएम के भरोसे चल रहा है. स्वास्थ्य केंद्र रामपुर के चिकित्सक भी वर्तमान में प्रतिनियुक्ति पर जिला मुख्यालय में कार्यरत है. एएनएम की कमी के कारण बंद है 10 पीएचसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर में एएनएम की भारी कमी है. एएनएम की कमी के कारण 19 में से 10 स्वास्थ्य उपकेंद्र बंद है.

अतिरिक्त स्वास्थ्य उपकेंद्र बंद है. अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में 3 ए ग्रेड नर्स एवं 3 एएनएम चाहिए. जिनमें एक चिकित्सक एवं दो एएनएम से कार्य कराया जा रहा है. राष्ट्रीय टीकाकरण के दौरान प्रत्येक माह टीकाकरण केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र 78, स्वास्थ्य उपकेंद्र 19 एवं 23 अतिरिक्त केंद्रों पर कार्य कराने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. कहते हैं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ उपेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि जिला की बैठक में चिकित्सक एवं एएनएम की कमी का मुद्दा रखा जाता है. बावजूद चिकित्सक की नियुक्ति नहीं की जाती है.

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