कम नहीं हो रही बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें
राहत की मांग को लेकर एनएच 80 रोज हो रहा जाम
सड़क पर ही किया जा रहा शव का दाह संस्कार
मुंगेर : बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम होता जा रहा है. लेकिन बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है. यूं तो राहत केंद्रों पर भी बाढ़ पीड़ित परेशान ही हैं, लेकिन सबसे अधिक परेशानी सड़क पर शरण लिये हुए बाढ़ पीड़ितों की है. बच्चे व मवेशी के साथ किसी तरह वे समय गुजार रहे हैं. बाढ़ के कारण घर-द्वार छोड़ कर बाढ़ पीड़ित एनएच 80 पर शरण लिये हुए है. किसी तरह अपनी व्यवस्था के तहत लाठी व डंडे के सहारे छाव पाने का आधार बनाये हुए है. लेकिन आसमान से सिंह नक्षत्र में बरस रही धूप लोगों को परेशान कर दिया है. एनएच मार्ग पर पैरुमंडल टोला, चमनगढ़ मोड़, बरियारपुर, ब्रह्मस्थान,
नीरपुर, बंगाली टोला, घोरघट सहित दर्जनों स्थानों पर लोग सड़ाकों को ही अपना आसियाना बनाये हुए है. ईटहरी पंचायत के सभी बाढ़ पीड़ित भी एनएच 80 पर ही शरण लिये हुए है. जिन्हें न तो जिला प्रशासन द्वारा पका हुआ भोजन दिया जा रहा है और न ही चिकित्सकीय सुविधा ही मिल पा रही है. सरकार एक और लंगर चलाने की बात कह रही है वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन एक वक्त का भोजन भी नहीं दे रहा है. प्रशासन का कहना है कि राहत शिविर में पहुंचे तो भोजन मिलेगा.
