एनडीआरएफ-एसडीआरएफ ने संभाल रखा है मोरचा

मुंगेर : भीषण बाढ़ की चपेट में फंसे लोगों को बाहर निकालने एवं उन तक राहत पहुंचाने के लिए एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीम ने मोरचा संभाल रखा है. जो लगातार गंगा की तेज धार का सीना चीरते हुए पीड़ितों तक पहुंच कर राहत उपलब्ध करा रहे. 20 अगस्त को एसडीआरएफ की 18 सदस्यीय टीम […]

मुंगेर : भीषण बाढ़ की चपेट में फंसे लोगों को बाहर निकालने एवं उन तक राहत पहुंचाने के लिए एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीम ने मोरचा संभाल रखा है. जो लगातार गंगा की तेज धार का सीना चीरते हुए पीड़ितों तक पहुंच कर राहत उपलब्ध करा रहे. 20 अगस्त को एसडीआरएफ की 18 सदस्यीय टीम भागलपुर से मुंगेर पहुंची. चार वोट लेकर पहुंची टीम ने 21 अगस्त से बचाव कार्य प्रारंभ किया. 21 से 26 तक चले बचाव कार्य के दौरान टीम के सदस्यों ने जहां 13 से 14 सौ लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. वहीं अधिकारियों को भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कराया.

टीम ने 50 गाय, 80 भैंस,150 बकरी, 15 घोड़ा को सुरक्षित स्थान पहुंचाने का काम किया. जबकि घर छोड़ कर नहीं निकलने वालों तक लगातार राहत सामग्री पहुंचाने का काम कर रही है. एसआइ प्रह्लाद सिंह ने बताया कि जवान पुरी मस्तैदी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे है. हमारा काम ही है कि आपदा में फंसे लोगों को राहत प्रदान करना.

24 अगस्त से एनडीआरएफ ने संभाला कमान : बाढ़ की विभिषिका को देखते हुए 23 अगस्त को एनडीआरएफ का 35 सदस्यीय टीम भरत सिंह के नेतृत्व में मुंगेर पहुंची. 4 वोट के सहारे 24 अगस्त की सुबह से टीम ने अपना कार्य प्रारंभ किया. गंगा के बीच स्थित गांव-गांव पहुंच कर टीम के सदस्यों ने लोगों को चलने की अपील की. लेकिन लोग गांव छोड़ने को तैयार नहीं थे. अब एनडीआरएफ की टीम उन लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने का काम कर रही है.

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