मायके में ही रहती थी नेहा पुलिस कर रही जांच

लोग दूसरों से लड़ सकता है, अपनों से नहीं जमालपुर : कहते हैं कि लोग दूसरों से तो लड़ सकता है, लेकिन अपनों से नहीं. ऐसी ही एक हृदय विदारक घटना में जमालपुर प्रखंड के इंदरुख पूर्वी पंचायत के हलीमपुर ननकार निवासी पिता व पुत्री की शनिवार को जान चली गयी. दोनों की एक साथ […]

लोग दूसरों से लड़ सकता है, अपनों से नहीं

जमालपुर : कहते हैं कि लोग दूसरों से तो लड़ सकता है, लेकिन अपनों से नहीं. ऐसी ही एक हृदय विदारक घटना में जमालपुर प्रखंड के इंदरुख पूर्वी पंचायत के हलीमपुर ननकार निवासी पिता व पुत्री की शनिवार को जान चली गयी. दोनों की एक साथ मौत की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोड़ कर रख दिया. प्राप्त समाचार के अनुसार अनिल मिश्रा का छोटा सा परिवार था. इसमें उसकी मानसिक रूप से कमजोर पत्नी तथा पुत्र शीतांशु व पुत्री नेहा थी. पुत्री नेहा की पिछले कई वर्ष पहले शादी हो गयी थी. किसी कारणवश उसका ससुराल वालों से नहीं बन पाया.
इसके कारण पिछले चार वर्षों से वह अपने मायके में ही अपने माता-पिता तथा भाई के साथ रहने लगी थी. इस कारण घर में लगातार घरेलू विवाद होने लगा था. शनिवार की सुबह भी उसका अपने भाई के साथ विवाद हो गया. जिससे क्षुब्ध होकर नेहा अपने घर से निकल कर इस्ट कॉलोनी थाना क्षेत्र के वाटर फिल्टर पहाड़ी पर चली गयी. पिता अनिल मिश्रा अपनी पुत्री को मनाने के लिए उसके पीछे-पीछे चल पड़ा. वह लगातार अपनी पुत्री को समझा रहा था, लेकिन पहाड़ी पर ही नेहा ने अपने साथ लाई कीटनाशक खा लिया. पुत्री द्वारा ऐसा करते देख पिता ने भी उसी के पास का कीटनाशक खा लिया. फिल्टर पहाड़ी पर आने-जाने वालों ने इस्टकॉलोनी थाना पुलिस को इसकी सूचना दे दी. सदर अस्पताल मुंगेर में पहले नेहा ने अंतिम सांस ली तथा इसके एक घंटे बाद पिता ने भी दम तोड़ दिया. इस बीच परिजन तथा उसके पड़ोसियों ने आरोप लगाया कि दोनों को अस्पताल लाये जाने के बाद लगभग पौन घंटे तक किसी डॉक्टर ने उसका इलाज आरंभ नहीं किया. कहा कि यदि समय पर इलाज किया जाता तो कम से कम पिता की जान बचायी जा सकती थी.

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