प्राथमिक विद्यालय चौखंडी का मामला
मुंगेर : शिक्षा विभाग ने गलती से स्कूल के खाते में 6,97,900 लाख राशि भेज दी. इसका फायदा उठाते हुए प्राथमिक विद्यालय चौखंडी के प्रधान शिक्षक सुनील कुमार चौधरी ने राशि निकासी कर आराम से उसका व्यक्तिगत उपयोग कर लिया. जब विभाग को गलती का एहसास हुआ तो राशि रिकवरी का प्रयास किया गया. किंतु मास्टर साहब सरकारी राशि को वापस करने को तैयार नहीं हुए. अंतत: विभाग ने प्रधान शिक्षक के विरुद्ध कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है.
क्या है मामला : नगर के प्राथमिक विद्यालय चंडीस्थान को वित्तीय वर्ष 2014-15 में दो अतिरिक्त वर्ग कक्ष बनाने के लिए 6 लाख 97 हजार 900 रुपया की राशि 30 जनवरी 2015 को सर्वशिक्षा अभियान द्वारा निर्गत किया गया था. लेकिन यह राशि लेखा त्रुटी के कारण नगर के ही प्राथमिक विद्यालय चौखंडी के खाता में स्थानांतरित हो गया. चौखंडी के प्रधान शिक्षक ने जब विद्यालय के खाते में इतनी मोटी रकम को देखा तो बिना विभागीय सत्यापन के इस राशि की निकासी कर ली. जब विभाग को उपयोगिता प्रमाण पत्र की आवश्यकता हुई तो विभाग ने प्राथमिक विद्यालय चंडीस्थान के प्रधानाध्यापक से
ब्योरा मांगा.
6.97 लाख गबन…
तब जाकर इस मामले का उजागर हुआ. क्योंकि चंडीस्थान के प्रधानाध्यापक ने कहा कि जब उसे राशि ही प्राप्त नहीं हुई तो उसे उपयोगिता प्रमाण पत्र कहां से मिलेगा. जांच के दौरान पता चला कि यह राशि चंडीस्थान के बदले चौखंडी विद्यालय के खाते में चला गया.
राशि रिकवरी नहीं होने पर प्राथमिकी
गलती का एहसास होने पर सर्व शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय चौखंडी के प्रधान शिक्षक से राशि रिकवरी के लिए लिखा. जब उन्होंने राशि जमा नहीं की तो प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नगर मंजु कुमारी ने कोतवाली थाने में प्रधान शिक्षक सुनील कुमार चौधरी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी है. इसमें प्रधान शिक्षक पर धोखाधड़ी व जालसाजी कर सरकारी राशि गबन करने का आरोप लगाया गया है.
कोतवाली थानाध्यक्ष मनोज सिन्हा ने बताया कि बीइओ के आवेदन पर कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है.
गलती से शिक्षा विभाग ने भेज दी स्कूल के खाते में राशि
