पोलो मैदान में जीविका के मद्य िनषेध कार्यक्रम को किया संबोधित
मुंगेर : वर्ष 2017 तक राज्य में डेढ़ करोड़ परिवारों को जीविका से जोड़ा से जायेगा व 10 लाख स्वयं सहायता समूह का गठन होगा. इसके माध्यम से आज महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही है व उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ा है. ये बातें राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को मुंगेर पोलो मैदान में जीविका के मद्य निषेध कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं. इस कार्यक्रम में मुंगेर प्रमंडल के छह जिले मुंगेर, जमुई, लखीसराय, शेखपुरा, खगड़िया व बेगूसराय की लगभग दस हजार जीविका की दीदियों ने भाग लिया. पूरा पंडाल जीविका की महिलाओं से खचाखच भरी हुई थी व उनमें शराब बंदी को लेकर खासा उत्साह व प्रसन्नता थी. मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूह की दीदियों के अनुरोध पर ही उन्होंने शराबबंदी की घोषणा की थी.
संपत्ति जब्त करने का भी प्रावधान : डीजीपी : डीजीपी पीके ठाकुर ने कहा कि नये उत्पाद कानून बनाये गये है. इनमें मृत्युदंड से लेकर अर्थदंड का प्रावधान किया गया है. संपत्ति तक जब्त कर ली जायेगी. पीने व पिलाने पर भी सजा का प्रावधान है. शराबखोरी के हर पहलू को देखते हुए नया कानून बनाया गया है.
शराब माफियाओं की नहीं उठाने दें गरदन : ललन
लघु सिंचाई व संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का शराबबंदी एक ऐतिहासिक कदम है. इससे कुछ लोगों को तकलीफ हो सकती है. लेकिन अधिकतर घरों में रौनक लौट आयी है. मुट्ठी भर लोग इस अभियान को दबाने का प्रयास कर रहे हैं, जो संभव नहीं है. उन्होंने जीविका बहनों का आह्वान किया कि शराब माफियाओं का गरदन उठने नहीं दे , उसे मरोढ़ दें.
छह वर्षों के लिए बढ़ी जीविका की मियाद : श्रवण
ग्रामीण विकास संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार आधी आबादी की लड़ाई हमेशा से लड़ते रहे हैं. जब वे सत्ता में आये तो आधी आबादी के लिए कई योजना प्रारंभ की. जीविका भी उसमें एक है, जिसने ग्रामीण महिलाओं को शक्ति प्रदान की. उन्होंने कहा कि राज्य में जीविका की मियाद छह वर्षों के लिए बढ़ा दी गयी है. जिस पर 2700 करोड़ रुपये खर्च की जायेगी.
