मुंगेर : वर्ष 2017 तक राज्य में डेढ़ करोड़ परिवारों को जीविका से जोड़ा जायेगा व 10 लाख स्वयं सहायता समूह का गठन होगा. इसके माध्यम से आज महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं व उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ा है. ये बातें राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को मुंगेर पोलो मैदान में जीविका के […]
मुंगेर : वर्ष 2017 तक राज्य में डेढ़ करोड़ परिवारों को जीविका से जोड़ा जायेगा व 10 लाख स्वयं सहायता समूह का गठन होगा. इसके माध्यम से आज महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं व उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ा है. ये बातें राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को मुंगेर पोलो मैदान में जीविका के मद्य निषेध कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही. इस कार्यक्रम में मुंगेर प्रमंडल के छह जिले मुंगेर, जमुई, लखीसराय, शेखपुरा, खगड़िया व बेगूसराय की लगभग दस हजार जीविका की दीदियों ने भाग लिया.पूरा पंडाल जीविका की महिलाओं से खचाखच भरा था. उनमें शराब बंदी को लेकर खासाउत्साह था.
चेहरे पर जीत की प्रसन्नता थी.मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूह की दीदियों के अनुरोध पर ही उन्होंने शराब बंदी की घोषणा की थी. 9 जुलाई 2015 को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में महिला विकास निगम व डीएफआइडी के तहत कार्यक्रम आयोजित की गयी थी.
इसी कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह की दीदियों ने शराब बंदी की आवाज उठायी थी व उन्होंने कहा था कि अगली बार सरकार में आयेंगे तो शराब बंदी लागू करेंगे. उन्होंने 20 नवंबर 2015 को शपथ ग्रहण किया व 26 नवंबर को मद्य निषेध दिवस पर राज्य में नयी उत्पाद नीति लाने की घोषणा की थी. उसी दिन यह भी घोषणा किया गया था कि 1 अप्रैल 2016 से इसे लागू किया जायेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में जो उत्पाद नीति चल रही थी वह 1915 की उत्पाद नीति थी जो काफी कमजोर कानून था.
धरातल पर उतारें सात निश्चय : सीएम
बैठक के प्रारंभ में प्रमंडलीय प्रशासन द्वारा मद्य निषेध कानून लागू होने के बाद अपराध व सड़क दुर्घटना के संदर्भ में आंकड़े प्रस्तुत किये गये. पावर प्वाइंट के माध्यम से मद्य निषेध के लिए की गयी छापेमारी, गिरफ्तारी, जब्ती, चार्जसीट की जानकारी दी गयी. मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने सभी डीएम द्वारा इस दिशा में किये गये प्रयासों की सराहना की. मद्य निषेध के प्रभावी क्रिर्यान्वयन, लोगों को जागरूकता बनाये रखने की सुक्षाव दिया.
उन्होंने साफ तौर पर निर्देश दिया कि शराब के कारोबार में माफिया व सिंडीकेट अगर प्रकाश में आता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाय. सात निश्चय के संबंध में जिला स्तर पर किये गये तैयारियों की समीक्षा की गयी और उसे समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया गया. लोक शिकायत निवारण अधिनियम के क्रिर्यान्वयन के तैयारियों की समीक्षा की गयी.
ग्रामीणों ने पुलिस जीप समेत 11 वाहन फूंके
गया जिले के आमस व शेरघाटी थानों की सीमा पर कठार गांव के पास माेरहर नदी में मंगलवार को दो बच्चों की मौत हो गयी. उनके शव नदी में बने गड्ढे में बालू से दबे मिले. उनके शरीर पर जख्म के निशान भी पाये हैं. एक बच्चे की आंखें भी फोड़ दी गयी हैं. परिजनों ने बालू माफियाओं पर नहाने गये दोनों बच्चों की हत्या कर शव को गड्ढे में दबाने का आरोप लगाया है.
इसकी खबर मिलते ही आक्रोशित गांववालों ने दोपहर करीब 12 बजे नदी में बालू लेने के लिए खड़े 10 वाहनाें को फूंक डाला. इस दौरान 12 से अधिक चालक अपने वाहन लेकर भागने में कामयाब रहे. मौके पर पहुंची शेरघाटी थाने की पुलिस की जीप को भी आक्रोशित भीड़ ने आग के हवाले कर दिया. पुलिसकर्मियों ने भाग कर जान बचायी. इस घटना में पुलिस जीप के अलावा दाे पाेकलेन मशीन, तीन हाइवा, एक ट्रैक्टर व चार ट्रक जला दिये गये.