पूर्व में भी मुंगेर न्यायालय ने दी है फांसी की सजा

मुंगेर : मुंगेर के न्यायिक इतिहास में पिछले तीन दशक के दौरान चार मामलों में अबतक फांसी की सजा दी गयी है. वैसे अधिकांश मामलों में उच्च व उच्चतम न्यायालय से आरोपियों को राहत मिल गयी और अबतक किसी को फांसी नहीं दी गयी है. मिली जानकारी के अनुसार मुंगेर के बहुचर्चित तौफिर नरसंहार कांड […]

मुंगेर : मुंगेर के न्यायिक इतिहास में पिछले तीन दशक के दौरान चार मामलों में अबतक फांसी की सजा दी गयी है. वैसे अधिकांश मामलों में उच्च व उच्चतम न्यायालय से आरोपियों को राहत मिल गयी और अबतक किसी को फांसी नहीं दी गयी है. मिली जानकारी के अनुसार मुंगेर के बहुचर्चित तौफिर नरसंहार कांड में लगभग आधे दर्जन मुख्य आरोपियों को मुंगेर न्यायालय से फांसी की सजा मुकर्रर की गयी थी.

लेकिन माननीय सुप्रीम कोर्ट से आरोपियों को राहत मिल गयी थी. जमालपुर के फरीदपुर में डकैती व हत्या के मामले में मनोज सोनी सहित तीन आरोपियों को फांसी की सजा दी गयी थी. मुंगेर सादीपुर में वर्ष 2005 में छोटे लाल महतो व उपेंद्र वर्मा हत्याकांड में भी आरोपी महेंद्र राम, मुन्ना राम एवं उपेंद्र राम को फांसी की सजा सुनायी गयी थी. इस घटना में अभियुक्तों ने बम विस्फोट कर छोटेलाल महतो व उपेंद्र वर्मा को मार डाला था. आज पुन: एक बार आदित्य हत्याकांड में मुख्य आरोपी मनीष उर्फ नेपाली मंडल को सजा सुनायी है.

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