बाप रे! चैत में ही जेठ की तपिश

मुंगेर : अप्रैल की झुलसा देने वाली गरमी ने लोगों की रफ्तार पर ब्रेक लगाना प्रारंभ कर दिया. एक ओर जहां तेज धूप के कारण सड़कों पर विरानी छा जाती है. वहीं दूसरी ओर दैनिक मजदूरी करने वाले और स्कूली बच्चों की परेशानी काफी बढ़ गयी है.... मुंगेर का पारा @ 41 के करीब पहुंच […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 13, 2016 4:56 AM

मुंगेर : अप्रैल की झुलसा देने वाली गरमी ने लोगों की रफ्तार पर ब्रेक लगाना प्रारंभ कर दिया. एक ओर जहां तेज धूप के कारण सड़कों पर विरानी छा जाती है. वहीं दूसरी ओर दैनिक मजदूरी करने वाले और स्कूली बच्चों की परेशानी काफी बढ़ गयी है.

मुंगेर का पारा @ 41 के करीब पहुंच गया है. तेज पछिया हवा ने तो आग में घी डालने जैसी काम करना प्रारंभ कर दिया. सुबह में सूर्य निकलने के साथ ही उससे निकले वाली धूप काफी गरम होने लगती है.
10 बजते-बजते धूप लोगों के वदन को जलाना प्रारंभ कर देता है. ऑफिस व स्कूल जाने वाले शिक्षक तो स्कूल पहुंच जाते है. लेकिन कामकाजी लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. वाहन स्टैंड में भी यात्रियों की संख्या काफी कम हो गयी है.
वीरान हो जाती है सड़कें . 11 बजते ही सड़कों पर लोगों का आवागमन धीरे-धीरे घटने लगता है. 12 बजे के बाद ही सड़कें वीरान हो जाती है. इक्के-दुक्के लोग ही सड़कों पर दिखायी देते हैं. जो लोग सड़कों पर मुंह ढक कर चलते है. शाम के बाद ही सड़कों पर चहल पहल प्रारंभ होती है और शहरों में रौनक लौटती है.
दैनिक मजदूरों की बढ़ी परेशानी . गरमी के कारण दैनिक मजदूरों की परेशानी काफी बढ़ गयी है. ठेला चालक, रिक्शा चालक को काम नहीं मिल रहा है. जबकि दैनिक मजदूरों के सामने भी रोजगार का टोटा होने लगा है.
बच्चों को सता रही धूप . धूप बच्चों को काफी सता रही है. हालांकि जिलाधिकारी ने एक आदेश जारी कर सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों में 6:30 से खोलने एवं 11 :30 बजे बंद करने का निर्देश दिया है. लेकिन सुबह 8 बजे के बाद ही धूप बच्चों को परेशान करने लगता है. सुबह में तो बच्चे आराम से स्कूल पहुंच जाते है. लेकिन स्कूल बंद होने के बाद घर पहुंचते-पहुंचते पूरी तरह थक जा रहे है.