मैट्रिक परीक्षा . फरजी परीक्षार्थी को एपीयर कराने में उवि साढ़ा व धरहरा है सबसे आगे
इंटरमीडिएट की परीक्षा में नकलचियों पर शिकंजा कसे जाने के कारण अब मैट्रिक के परीक्षार्थी नकल के लिए नये-नये हथकंडे अपना रहे हैं. अभी दो दिन ही बीते हैं. किंतु इन दो दिनों में नकल करने पर निष्कासित होने वालों की संख्या जहां 20 तक पहुंची है. वहीं फर्जी परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ कर 89 है. प्रशासनिक महकमे की मानें तो दर्जनों अब भी संदेह के घेरे में हैं, जिन्हें किसी भी समय दबोचा जा सकता है.
मुंगेर : अपनाये जा रहे नये-नये हथकंडे परीक्षार्थी कदाचार के लिए नये-नये हथकंडे अपना रहे हैं. परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार पर तैनात पुलिस बल व वीक्षकों द्वारा परीक्षार्थियों की गहन तलाशी ली जा रही है. बावजूद कुछ मास्टर माइंड छात्र-छात्राएं चिट-पुरजे को अपने बालों, ओढ़नी व कपड़ों में पिनअप कर परीक्षा भवन में प्रवेश पाने में सफल हो रहे. वीक्षक यदि संवेदनशील रहे तो नकल के दौरान वे पकड़े जाते हैं अन्यथा नकलचियों की चांदी हो जाती है.
फरजी परीक्षार्थियों में साढ़ा उच्च विद्यालय अव्वल : मुंगेर. पिछले दो दिन की परीक्षा में कुल 89 फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गये हैं. जिनमें सबसे अधिक विश्वनाथ सिंह लॉ कॉलेज से कुल 48 फर्जी परीक्षार्थी धराये हैं. पकड़े गये अधिकांश फर्जी परीक्षार्थियों का उम्र अत्यधिक पाया गया है. जबकि प्रवेश पत्र पर अंकित उम्र काफी कम दर्ज किया गया है. इसमें वैसे परीक्षार्थियों की संख्या अधिक है जो प्राइवेट पंजीयन वाले हैं. सूत्रों की मानें तो इस बार जिले के विभिन्न विद्यालयों से लगभग 2000 प्राइवेट छात्र- छात्राओं मैट्रिक का फॉर्म भरा है.
जिसमें सबसे अधिक धरहरा प्रखंड के उच्च विद्यालय साढ़ा से प्राइवेट परीक्षार्थी हैं. साढ़ा उच्च विद्यालय से कुल 643 छात्र एवं 224 छात्राएं मैट्रिक के लिए सेंटअप हुई है. इस विद्यालय के छात्रों का परीक्षार्थी विश्वनाथ सिंह विधि संस्थान में है. जहां लगातार फर्जी परीक्षार्थी अर्थात दूसरे के बदले परीक्षा देने वाले पकड़े जा रहे हैं. दो दिनों में 48 मुन्ना भाई इस केंद्र से पकड़े गये हैं जो सभी साढ़ा उच्च विद्यालय, धरहरा के ही छात्र हैं. विदित हो कि प्राइवेट से फॉर्म भरने का खेल इस विद्यालय में व्यापक स्तर पर हुआ है और आंख बंद कर विद्यालय के प्रधानाध्यापक फर्जी परीक्षार्थियों को भी एपीयर करवा दिये. जानकार बताते हैं कि लगभग 200 से अधिक छात्र फर्जी रूप से यहां फॉर्म भरे हैं.
सैकड़ों हो रहे अनुपस्थित
मैट्रिक परीक्षा में प्रतिदिन सैकड़ों छात्र अनुपस्थित हो रहे. इसके दो कारण है, पहला यह कि प्रशासनिक दबिश के कारण कई छात्र-छात्राएं इस बार परीक्षा में शामिल नहीं हो रहे तथा दूसरा यह कि परीक्षा के दौरान मिल रही चेतावनी के भय से भी कई परीक्षार्थी अनुपस्थित रहना ही बेहतर समझ रहे. पहले दिन 11 एवं 12 मार्च को 880-880 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे.
