आधा दर्जन इनामी अपराधी सहित दर्जन भर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया
मुंगेर : पुलिस अधीक्षक वरुण कुमार सिन्हा का कार्यकाल मुंगेर जिले में उपलब्धियों भरा रहा. वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव व वर्ष 2015 का विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न कराना उनकी जहां सबसे बड़ी उपलब्धि रही. वहीं उन्होंने आधे दर्जन इनामी अपराधियों सहित मुंगेर जिले के दर्जन भर मोस्ट वांटेड अपराधियों को जेल के अंदर डाला. भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी वरुण कुमार सिन्हा जनवरी 2014 में मुंगेर के पुलिस अधीक्षक के रूप में पदभार संभाले थे.
अपने 25 माह के कार्यकाल में जहां उनके समक्ष कई चुनौतियां आयी और अपनी प्रशासनिक सूझ-बूझ से उन्होंने स्थिति को नियंत्रित किया. वहीं अपराधियों को सलाखों के पीछे धकेलने में भी वे लगे रहे. यही कारण रहा कि इनामी अपराधी रामगुलाम यादव, पातो मंडल, गौतम मंडल, मनोज सिंह सहित जिले के मोस्ट वांटेड अपराधी पवन मंडल, अमित मंडल, प्रशांत मिश्रा, सूरजा उर्फ झरकहवा को जेल भेजा गया.
खड़गपुर में एक प्रधानाध्यापक सहित दो शिक्षकों के फिरौती के लिए अपहरण के मामले में एसपी ने अपने सूझ-बूझ से दोनों को वापस कराया. बैजलपुर उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुबोध साह एवं धपरी मध्य विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक रूपेश कुमार का फिरौती के लिए अपहरण किया गया था. इसके साथ ही खडि़या पिपरा हॉल्ट के रेलवे गेट मैन अपहरण के मामले में भी वरुण कुमार सिन्हा की रणनीति से अपहृत को सकुशल मुक्त कराया गया.
चुनौतीपूर्ण रहा कार्यकाल
आपराध को ले मुंगेर चर्चित रहा है. पिछले दो वर्षों में जिले में कई ऐसे आपराधिक वारदात हुए जो एसपी के लिए चुनौतियों से भरा रहा. कासिम बाजार थाना क्षेत्र के पंकज वर्मा की हत्या के बाद जिस प्रकार शहर आंदोलित हुआ वह उनके लिए चुनौती था. साथ ही अपराधियों ने एसपी कार्यालय के समीप ही उत्तम शर्मा की हत्या कर दी थी. यह घटना भी सुर्खियों में रहा. लेकिन इन मामलों में पुलिस ने अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया.
