जमालपुर : नगर परिषद सीमा क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों के लिए खुशखबरी है. जल्द ही जमालपुर के शहरी क्षेत्र में रहने वालों को साफ सफाई की बेहतर सुविधा मयस्सर हो पायेगी. नगर परिषद प्रशासन ने इसकी तैयारी आरंभ कर दी है. जमालपुर शहरी क्षेत्र में सीवरेज सिस्टम तथा आइ एंड टी स्कीम लागू किया गया है. इसका डीपीआर तैयार कर लिया गया है जिसे अनुमोदन के लिए राज्य सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजा गया है. मंगलवार को नगर परिषद के सशक्त स्थायी समिति तथा बुधवार को नगर परिषद के साधारण बोर्ड की बैठक में इसे पारित भी किया जा चुका है.
231.67 करोड़ रुपये से जमालपुर में बनेगा सॉलिड ट्रीटमेंट प्लांट
जमालपुर : नगर परिषद सीमा क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों के लिए खुशखबरी है. जल्द ही जमालपुर के शहरी क्षेत्र में रहने वालों को साफ सफाई की बेहतर सुविधा मयस्सर हो पायेगी. नगर परिषद प्रशासन ने इसकी तैयारी आरंभ कर दी है. जमालपुर शहरी क्षेत्र में सीवरेज सिस्टम तथा आइ एंड टी स्कीम लागू किया […]

क्या है योजना
नगर परिषद क्षेत्र के सभी 36 वार्डों के मकानों को परस्पर नाले से जोड़ा जायेगा. वहां से प्राप्त नाले के पानी को एक स्थान पर संग्रह किया जायेगा. इस स्थान पर एक प्लांट लगेगा. जहां नाले के गंदे पानी से ठोस अपशिष्ट को अलग कर दिया जायेगा तथा पानी को वहां से आवश्यकता के अनुसार खेती के लिए अथवा गंगा नदी से जुड़े बड़े नाले के लिए छोड़ा जायेगा. बताया गया कि नगर परिषद क्षेत्र की बाहरी सीमा पर इसके लिए विभिन्न पांच स्थानों पर जल संग्रह केंद्र बनाया जायेगा. जहां से पानी को एक चिह्नित स्थान पर पहुंचाया जायेगा. उसी चिह्नित स्थान पर सॉलिड ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जायेगा.
स्पर के सहयोग से योजना : कार्यपालक अधिकारी
कार्य पालक पदाधिकारी दिनेश दयाल लाल ने बताया कि बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा सपोर्ट प्रोग्राम फोर अरबन रिफॉर्म (स्पर) के सहयोग से योजना पूरी जायेगी. जिसका डीपीआर तहल कंसलटेंट इंजीनियरिंग लिमिटेड द्वारा तैयार किया जा चुका है. 231.67 करोड़ रुपये की योजना है. शहर के वलीपुर मुसहरी में एसटीपी का निर्माण किया जायेगा.
जहां सॉलिड ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना की जायेगी. जबकि फरीदपुर डोमासी, लक्ष्मणपुर तथा बड़ी अशिकपुर जैसे क्षेत्र में पांच स्थानों को जल संग्रह केंद्र के रूप में चिह्नित किया गया है. उन्होंने बताया कि उन पांचों स्थानों पर संग्रह किये गये जल को इंटर सेक्शन डिवीजन द्वारा एसटीपी में लाया जायेगा जहां पानी से ठोस अवशिष्ट को अलग किया जायेगा.