पूर्व में भी चार गोली भरत यादव को मारी थी अपराधियों ने
मुंगेर : जेल में बंद कुख्यात अपराधी अमित मंडल एवं पवन मंडल से जमालपुर के पूर्व चेयरमैन भरत यादव को जान का खतरा है. जो जेल में बंद होने के बावजूद अपने गुर्गो से उसकी हत्या कराना चाहता है. इस संदर्भ में भरत यादव ने मुंगेर के पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन देकर सुरक्षा की मांग की है.
क्या लिखा है पत्र में
पूर्व चेयरमैन भरत यादव ने कहा कि 7 जून 2013 को मेरे ऊपर जानलेवा हमला हुआ था. जिसमें मुझे चार गोली लगी थी. जमालपुर थाना में प्राथमिकी भी दर्ज हुआ. इस कांड में शातिर अपराधियों के खिलाफ 5 जनवरी 2016 को कुख्यात अपराधी रोहित सिंह जो कि जेल में बंद है कि खिलाफ गवाही मुंगेर न्यायालय में दी गयी. तब से जेल में बंद अमित मंडल एवं पवन मंडल द्वारा मेरे हत्या की साजिश रची जा रही है. ताकि गवाही को रोका जा सके.
किससे है जान को खतरा
पत्र में कहा गया है कि अमित व पवन के जेल से बहार उनके सहयोगी व संरक्षक मेरे जान के पीछे पड़े हैं. जिसमें जमालपुर प्रखंड के एक पूर्व मुखिया, हलिमपुर के चंचल यादव, नयागांव जमालपुर के स्वीटी मंडल एवं रामपुर कॉलोनी के गोलू एवं लखीसराय के प्रिंस यादव शामिल है. साथ ही शिव मंडल जो मुझ पर हमला करने के कांड में अभियुक्त है और टीआइ परेड में उनकी शिनाख्त भी की गयी थी. मुझे पूर्ण विश्वास है कि ये सभी व्यक्ति जेल में बंद गैंगस्टर अमित व पवन के इशारे पर मेरी हत्या की साजिश कर रहे हैं.
अपराधियों ने मारी थी गोली
7 जून 2013 की शाम अपराधियों ने भरत यादव पर व्हाईट हाउस होटल के कॉर्नर पर बने शराब दुकान के समीप अत्याधुनिक हथियार से हमला कर दिया. अपराधियों द्वारा चलायी गयी अंधाधुंध गोलीबारी में चार गोली भरत यादव को लगी. काफी उपचार के बाद उसकी जान बच पायी है.
कहते हैं पुलिस अधीक्षक
पुलिस अधीक्षक वरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि वे खुद पूरे मामले की छानबीन कर रहे हैं और अंगरक्षक भी उपलब्ध कराया गया है.
