सदर अस्पताल में मरीजों व उनके परिजनों के लिए वेटिंग चेयर की नहीं है व्यवस्था
मुंगेर : जी हां! सदर अस्पताल में साहब के लिए तो व्हील चेयर की व्यवस्था है किंतु रोगी व उनके परिजनों के लिए टूटी कुर्सी भी नहीं है. हाल यह है कि इलाज के लिए अस्पताल आने वाले मरीजों को वेटिंग चेयर के अभाव में फर्श पर ही बैठना पड़ता है. ऑपरेशन थिएटर के सामने से लेकर इमरजेंसी वार्ड सभी जगह रोगी व उसके परिजन के बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है.
वेटिंग चेयर की नहीं है व्यवस्था. सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ही जीओपीडी का भी संचालन किया जाता है. ओपीडी के दौरान यहां दर्जनों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. जिनमें कई ऐसे मरीज होते हैं, जो अधिक समय तक लाइन में खड़े नहीं रह पाते. कुछ ही देर में वैसे मरीज गंदे फर्श पर ही बैठ जाते हैं जो उनके स्वास्थ्य को और भी हानि पहुंचा सकती है. किंतु अस्पताल प्रबंधन को इसकी जरा भी परवाह नहीं है.
फर्श पर बैठ कर करना पड़ता है इंतजार . अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर के समीप वेटिंग चेयर की व्यवस्था नहीं दी गयी है. कई बार ऐसा देखा गया है कि दिन भर बंध्याकरण व अन्य ऑपरेशन के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों का यहां तांता लगा रहता है. वेटिंग चेयर की व्यवस्था नहीं रहने के कारण मरीजों के परिजन को कनकनाती फर्श पर ही बैठ कर इंतजार करना पड़ता है.
कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षक. अस्पताल उपाधीक्षक डॉ राकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि मरीजों व उनके परिजनों के बैठने के लिए वेटिंग चेयर के खरीदारी का आदेश जारी कर दिया गया है. अस्पताल में जल्द ही वेटिंग चेयर उपलब्ध हो जायेंगे.
