मुंगेर शहर : में जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा चार स्थानों पर खोले गये शहरी पीएचसी के स्थल चयन में भारी अनियमितता बरती गयी है. मानक को इंपैक्ट ताख पर रख कर नगर निगम प्रशासन ने स्थल का चयन किया और मनमाने ढंग से 200 गज की दूरी पर दो पीएचसी खोल दिया गया. नतीजतन, शहर […]
मुंगेर शहर : में जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा चार स्थानों पर खोले गये शहरी पीएचसी के स्थल चयन में भारी अनियमितता बरती गयी है. मानक को इंपैक्ट ताख पर रख कर नगर निगम प्रशासन ने स्थल का चयन किया और मनमाने ढंग से 200 गज की दूरी पर दो पीएचसी खोल दिया गया. नतीजतन, शहर का एक बड़ा इलाका स्वास्थ्य सेवा से वंचित रह गया.
प्रभात खबर ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया, िजस पर डीएम ने संज्ञान लिया है. जिला पदाधिकारी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और उन्होंने सिविल सर्जन को स्थल चयन से संबंधित रिपोर्ट तलब की है.
मुंगेर :िजले के शहरी क्षेत्र की गंदी व मलिन बस्ती के एरिया में सरकार ने शहरी पीएचसी खोलने का निर्णय लिया और प्रथम चरण में मुंगेर शहर में चार पीएचसी सोमवार को खोले गये. लेकिन पीएचसी के स्थल चयन में इस प्रकार धांधली की गयी कि मुंगेर शहर का पूर्व व दक्षिण का इलाका इससे पूरी तरह वंचित रह गया. इतना ही नहीं मुंगेर के मेयर कुमकुम देवी के घर से महज 250-300 गज की दूरी के अंदर दो-दो पीएचसी का स्थल चयन किया गया और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोल दिये गये. जबकि मलिन व गंदी बस्ती का क्षेत्र पूरबसराय वासंती तालाब, पुरानीगंज मनसरी तल्ले, कासिम बाजार थाना, संदलपुर महादलित टोला, कृष्णापुरी महादलित टोला के इलाके में एक भी पीएचसी नहीं खुला.
स्थल चयन में अनियमितता का आलम यह रहा कि लाल दरवाजा के अंबेदकर भवन का नाम पीएचसी के सूची में शामिल किया गया है जबकि वह एक निजी भवन में खोल दिया गया है. दूसरी ओर पूअर हाउस मलिन बस्ती के नाम पर माधोपुर गर्ल्स हाई स्कूल के सामने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला गया है. जबकि यह इलाका शहर के संपन्न लोगों का है. जिला पदाधिकारी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने शहरी पीएचसी के स्थल चयन में अनियमितता की सूचना पर मंगलवार की शाम सिविल सर्जन डॉ श्रीनाथ से मामले की जानकारी ली और उनसे स्थल चयन से संबंधित रिपोर्ट तलब की.
उन्होंने इस बात पर गहरी आपत्ति व्यक्त की कि महज 200 से 300 गज की दूरी पर दो-दो पीएचसी खोल दिया गया. जबकि शहर का एक बड़ा क्षेत्र इससे वंचित रहा है.