आधा किलोमीटर में खुले दो शहरी पीएचसी, पर वार्ड 33 से 45 तक के लोग रह गये वंचित

मुंगेर : मुंगेर शहर में विकास की ऐसी धारा चल रही है कि जिससे एक बड़ा तबका वंचित हो रहा है. योजनाओं के चयन में कोई मानक का ध्यान नहीं रखा जाता और मनमाने ढंग से एक पुरानी कहावत चरितार्थ हो रही ” बाप बेटा पंच बरदा के दाम दो टका ”. मुंगेर शहरी क्षेत्र […]

मुंगेर : मुंगेर शहर में विकास की ऐसी धारा चल रही है कि जिससे एक बड़ा तबका वंचित हो रहा है. योजनाओं के चयन में कोई मानक का ध्यान नहीं रखा जाता और मनमाने ढंग से एक पुरानी कहावत चरितार्थ हो रही ” बाप बेटा पंच बरदा के दाम दो टका ”. मुंगेर शहरी क्षेत्र में जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा चार शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलना था. इसके चयन व स्थल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी नगर निगम को दी गयी. मानक था उस स्थल को प्राथमिकता दिया जाय जो गंदी एवं मलिन बस्तियों के समीप हो.

स्थल चयन में
हुआ भेदभाव
नगर निगम द्वारा शहरी पीएचसी के स्थल चयन में व्यापक स्तर पर भेदभाव किया गया. भेदभाव भी ऐसा कि वार्ड नंबर 33 से 45 तक के वार्ड में एक भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं खुला. अर्थात मकससपुर-खानकाह से लेकर हसनगंज, हेरूदियारा, सफियाबाद का इलाका पूरी तरह स्वास्थ्य सुविधा से वंचित रह गया. साथ ही मुंगेर शहर के पूर्वी क्षेत्र पूरबसराय, रायसर, हाजीसुभान, शास्त्रीनगर संदलपुर का इलाका भी चयनकर्ताओं ने छोड़ दिया.
आधा किलोमीटर में खुला दो पीएचसी
पीएचसी के स्थल चयन में अनियमितता का आलम यह रहा कि वार्ड नंबर 29 नागलोक सामुदायिक भवन एवं वार्ड नंबर 32 अरगरा रोड सामुदायिक भवन में दो पीएचसी का सोमवार को उद्घाटन किया गया. दोनों की दूरी आधे किलोमीटर भी नहीं होगी. चूंकि यह इलाका मुंगेर नगर निगम की मेयर कुमकुम देवी का है. इसलिए मानक को ताख पर रख कर एक ही जगह दो-दो पीएचसी खोल दिया गया. इससे बाकी लोगों को में नगर िनगम के प्रति रोष है.

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