बंद रही कपड़े की दुकानें

कपड़ा व्यवसायी आर-पार की लड़ाई के मूड में मुंगेर : कपड़े पर टैक्स के विरोध में दूसरे दिन भी जिले के कपड़े की दुकानें बंद रही. जबकि मुंगेर चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों ने वैट के विरोध में शहर जुलूस निकाल कर नारेबाजी की और पंडित दीनदयाल चौक पर धरना दिया. जबकि खड़गपुर में भी […]

कपड़ा व्यवसायी आर-पार की लड़ाई के मूड में

मुंगेर : कपड़े पर टैक्स के विरोध में दूसरे दिन भी जिले के कपड़े की दुकानें बंद रही. जबकि मुंगेर चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों ने वैट के विरोध में शहर जुलूस निकाल कर नारेबाजी की और पंडित दीनदयाल चौक पर धरना दिया. जबकि खड़गपुर में भी व्यवसायियों ने भी दुकान बंद कर धरना दिया.

सरकार द्वारा कपड़े पर अतिरिक्त वैट लगाने के विरोध में बिहार टेक्सटाइल चैंबर के आह्वान पर कपड़े की दुकानें बंद रही. जिले के लगभग 500 से अधिक कपड़े की दुकान दूसरे दिन भी पूरी तरह बंद रही. जिसके कारण करोड़ों रुपये का व्यापार भी प्रभावित रही. कपड़े की दुकान बंद रहने के कारण शनिवार को भी लोग खरीदारी नहीं कर पाये. इधर टेक्सटाइल चैंबर के संयोजक राजकुमार खेमका एवं टेक्सटाइल उप समिति के चेयरमैन संजय चमडि़या के नेतृत्व में कपड़ा व्यवसायियों ने नगर में जुलूस निकाला कर वैट के विरोध में जमकर नारेबाजी की. साथ ही पंडित दीनदयाल चौक पर कपड़ा व्यवसायी धरना पर बैठे.

नेताओं ने कहा कि 72 घंटे बंदी की मियाद 31 जनवरी की रात को समाप्त हो रही है. कपड़ा व्यवसायी आर-पार की लड़ाई के मूड में है. चैंबर अध्यक्ष राजेश जैन ने कहा कि कपड़ा व्यवसाइयों को इंस्पेक्टर राज से मुक्त कर कर-संग्रह का वैकल्पिक श्रोत अगर नहीं निकाला गया तो आंदोलन तेज किया जायेगा. इधर हवेली खड़गपुर में भी शनिवार को दूसरे दिन मुंगेर चैंबर ऑफ कॉमर्स की हवेली खड़गुपर शाखा एवं बिहार टेक्सटाइल चैंबर के आह्वान पर नगर के सभी कपड़ा दुकान बंद रहे.

व्यवसायियों ने नगर के मुख्य बाजार स्थित एकता पार्क के निकट धरना दिया. धरना में अध्यक्ष मुकुंद प्रसाद सिंह, सचिव अमित कुमार, संजीव कुमार, रेखा सिंह चौहान, सुरेश चौरसिया, कुंजबिहारी टिवड़ेवाल, महेंद्र प्रताप, काशी केसरी, अशोक केसरी, संजय केसरी सहित दर्जनों व्यवसायी शामिल थे.

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