जमालपुर : स्पेशल क्लास रेलवे अप्रेंटिश सहित अपनी अन्य मांगों को लेकर जमालपुर रेल निर्माण कारखाना संघर्ष मोरचा के बैनर तले गुरुवार को एक दिवसीय धरना दिया गया. जुबली वेल चौक पर आयोजित धरना की अध्यक्षता राजद के वरिष्ठ नेता नरेश सिंह यादव ने की. मुख्य अतिथि मुंगेर के पूर्व सांसद ब्रह्मानंद मंडल थे. धरना में दर्जनों राजनीतिक व गैर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
एससीआरए है रेल कारखाना की आत्मा : पूर्व सांसद ने कहा कि यह आंदोलन केवल जमालपुर के लिए नहीं बल्कि पूरे देश के लिए है. यदि कोई ये चर्चा करता है कि एससीआरए को बंद करने से क्या होगा तो उन्हें समझना होगा कि वह रेल कारखाना से आत्मा निकालने की बात कर रहा है. अध्यक्ष ने कहा कि जिस मुद्दे पर यह धरना है, वह जिला और प्रांत ही नहीं बल्कि राष्ट्र के विकास से जुड़ा है. हमें किसी भी कीमत पर आंदोलन को वह गति देनी है जिससे केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर झुकना पड़े. सपा जिलाध्यक्ष पप्पू यादव ने कहा कि इस आंदोलन का विरोध करने वालों को यह समझना चाहिए के रेल कारखाना, एससीआरए तथा इरिमी में अन्योन्याश्रय संबंध है. जिसे हमलोग किसी कीमत पर टूटने नहीं देंगे. हमें इरिमी में रेल विश्वविद्यालय चाहिए और हम इसे लेकर रहेंगे. शिक्षक संघ के राष्ट्रीय महासचिव नवल किशोर सिंह ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों की एकजुटता प्रमाणित करता है कि यह आंदोलन जिला के सवाल पर है.
भाकपा जिला सचिव दिलीप कुमार तथा माले नेता अशोक सिंह ने कहा कि यह आंदोलन मील का पत्थर साबित होगा. धरना को मोरचा के सह संयोजक व राजद महासचिव कन्हैया सिंह, महिला जिलाध्यक्ष बबिता भारती, इसरारुल हक, जदयू नेता सुधीर सिंह, सपा के मनोज कुमार मधुकर, कांग्रेस के प्रदेश प्रतिनिधि प्रो(डा) देवराज सुमन, दलित सेना के प्रमोद पासवान, कृष्णानंद राउत, भाजपा नेता मो मोकीम तथा शशि शेखर मुन्ना ने भी संबोधित किया.
धरना में राजद के पूर्व अध्यक्ष मोहन यादव, महासचिव अरविंद यादव, मो मुख्तार, अनिल यादव, कृष्णानंद शर्मा, राजकुमार शर्मा, अमरशक्ति, राकेश तिवारी, मोहन पंडित, सुबोध तांती, नकुल यादव, युवजन सभा के अनुज कुमार सुमन, अशर्फी यादव उपस्थित थे.
