रेल कारखाना के द्वार पर धरना देकर की नारेबाजी
जमालपुर : इस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन कोलकाता के आह्वान पर बुधवार को यूनियन के कारखाना शाखा के तत्वावधान में रेल इंजन कारखाना के रेलकर्मियों ने धरना दिया. वे अपनी आठ सूत्री केंद्रीय व अन्य स्थानीय मांगों को लेकर धरना पर बैठे थे. अध्यक्षता शाखाध्यक्ष सह केंद्रीय संगठन मंत्री राम नगीना पासवान ने की.
वेतन आयोग की सिफारिश का विरोध : वक्ताओं ने कहा कि 7 वें वेतन आयोग द्वारा न्यूनतम वेतन के लिए डॉ अयक्रोड समिति के फॉर्मूले को स्वीकार किया गया था. जिस पर अमल नहीं किया गया. साथ ही इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस एवं माननीय उच्चतम न्यायालय से अनुमोदित फॉर्मूले का पूर्णत: उल्लंघन किया गया. वैज्ञानिक गणना के आधार पर मांग 26 हजार की तुलना में न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये ही किये गये हैं.
मल्टी ब्लाइंग फैक्टर जो 3.67 होना था उसे मात्र 2.57 रखा गया. प्राइस इंडेक्स के आधार पर वार्षिक वेतन वृद्धि 5 प्रतिशत के बदले 3 प्रतिशत की सिफारिश की गई है. मकान किराया भत्ता में 2 प्रतिशत की कमी कर दी गई है. ब्याज मुक्त सभी अग्रिम को समाप्त कर चाइल्ड केयर लीव में कटौती की गई है. इसके साथ ही परिवार नियोजन भत्ता, ब्रेक डाउन भत्ता, कैश हैंडलिंग भत्ता, नाइट पैट्रोलिंग भत्ता, धुलाई भत्ता, तथा किराया मुक्त आवास सुविधा को समाप्त कर दिया गया है.
अनेकों परिवर्तन की जताई आशंका : उन्होंने कहा कि भविष्य में रेल मंत्रालय समाप्त हो जायेगा. रेल उद्योग को सड़क परिवहन मंत्रालय के साथ जोड़ा जायेगा. चतुर्थ श्रेणी की नियुक्ति बंद हो जायेगी. रेलवे संचालित स्कूल कॉलेज तथा अस्पतालों को बंद कर दिया जायेगा. अनुकंपा पर नौकरी को समाप्त हो जायेगी. आरपीएफ कर्मियों को हटा कर ठेका पर वाच एंड वार्ड कर्मचारी की तरह नियोजन होगा जिससे 54 हजार आरपीएफ कर्मी का भविष्य अंधकारमय हो जायेगा.
इन्होंने किया संबोधित: धरना को वीरेंद्र प्रसाद यादव, रामानंद यादव, युगल किशोर यादव, मो बहावउद्दीन, ओमप्रकाश साह, अनिल यादव, संजय ओझा, शैलेंद्र कुमार, दीपक सिन्हा, अर्जुन सिंह, टुनटुन ठाकुर तथा विश्वजीत कुमार ने संबोधित किया.
