जमालपुर में राजनीतिक सरगरमी तेज

जमालपुर : रेल नगरी जमालपुर में आजादी के पूर्व स्थापित भारतीय रेल का अमूल्य संस्थान इंडियन रेलवे इंस्टीच्यूट ऑफ मेकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (इरिमी) को बंद करने को लेकर राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है. एक ओर जहां राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार को पत्र लिख कर इस पर अपनी […]

जमालपुर : रेल नगरी जमालपुर में आजादी के पूर्व स्थापित भारतीय रेल का अमूल्य संस्थान इंडियन रेलवे इंस्टीच्यूट ऑफ मेकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (इरिमी) को बंद करने को लेकर राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है. एक ओर जहां राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार को पत्र लिख कर इस पर अपनी आपत्ति दर्ज की है.

वहीं सपा, राजद, समता सहित विभिन्न राजनीतिक दल स्थानीय स्तर पर आंदोलन प्रारंभ कर दी है. सन 1927 में स्थापित इस संस्थान ने भारतीय रेल को अनेक ऊंचाई प्रदान की. यहां के प्रशिक्षित रेल अभियंता अपनी कार्य कुशलता के कारण नोबेल पुरस्कार तक प्राप्त किये. लेकिन भारतीय रेल ने इसे बंद करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है और इस वर्ष अर्थात 2016 में संघ लोक सेवा आयोग एससीआरए में नामांकन के लिए परीक्षा नहीं ले रही है.

केंद्र सरकार के इस निर्णय के विरोध में जमालपुर में पिछले एक सप्ताह से विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों द्वारा आंदोलन किया जा रहा. जिसके तहत राजद व जदयू के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व रेल मंत्री सुरेश प्रभु का पुतला फूंक कर विरोध प्रदर्शित किया. जबकि मुंगेर के पूर्व सांसद सह समता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रह्मानंद मंडल ने आम सभा कर केंद्र सरकार के निर्णय का विरोध किया और इसके लिए संगठित रूप से आंदोलन चलाने का निर्णय लिया.

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