इरिमी को बंद करने को लेकर सुलग रही राजनीतिक आग

इरिमी को बंद करने को लेकर सुलग रही राजनीतिक आग फोटो संख्या : 19फोटो कैप्सन : इंडियन रेलवे इंस्टीच्यूट ऑफ मेकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (इरिमी) प्रतिनिधि , जमालपुररेल नगरी जमालपुर में आजादी के पूर्व स्थापित भारतीय रेल का अमूल्य संस्थान इंडियन रेलवे इंस्टीच्यूट ऑफ मेकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (इरिमी) को बंद करने को लेकर राज्य […]

इरिमी को बंद करने को लेकर सुलग रही राजनीतिक आग फोटो संख्या : 19फोटो कैप्सन : इंडियन रेलवे इंस्टीच्यूट ऑफ मेकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (इरिमी) प्रतिनिधि , जमालपुररेल नगरी जमालपुर में आजादी के पूर्व स्थापित भारतीय रेल का अमूल्य संस्थान इंडियन रेलवे इंस्टीच्यूट ऑफ मेकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (इरिमी) को बंद करने को लेकर राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है. एक ओर जहां राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार को पत्र लिख कर इस पर अपनी आपत्ति दर्ज की है. वहीं सपा, राजद, समता सहित विभिन्न राजनीतिक दल स्थानीय स्तर पर आंदोलन प्रारंभ कर दी है. सन 1927 में स्थापित इस संस्थान ने भारतीय रेल को अनेक ऊंचाई प्रदान की. यहां के प्रशिक्षित रेल अभियंता अपनी कार्य कुशलता के कारण नोबेल पुरस्कार तक प्राप्त किये. लेकिन भारतीय रेल ने इसे बंद करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है और इस वर्ष अर्थात 2016 में संघ लोक सेवा आयोग एससीआरए में नामांकन के लिए परीक्षा नहीं ले रही है. केंद्र सरकार के इस निर्णय के विरोध में जमालपुर में पिछले एक सप्ताह से विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों द्वारा आंदोलन किया जा रहा. जिसके तहत राजद व जदयू के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व रेल मंत्री सुरेश प्रभु का पुतला फूंक कर विरोध प्रदर्शित किया. जबकि मुंगेर के पूर्व सांसद सह समता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रह्मानंद मंडल ने आम सभा कर केंद्र सरकार के निर्णय का विरोध किया और इसके लिए संगठित रूप से आंदोलन चलाने का निर्णय लिया. ——————————बॉक्स—————————–9 जनवरी से होगा आंदोलन का शुरुआत फोटो संख्या : 16फोटो कैप्सन : संबोधित करते सपा जिलाध्यक्ष पप्पू यादव जमालपुर : इरिमी को बचाने के लिए जमालपुर रेल कारखाना संघर्ष मोरचा के बैनर तले आगामी 9 जनवरी से आंदोलन का शुरुआत किया जायेगा. यह निर्णय रविवार को विभिन्न राजनीतिक दलों की संयुक्त बैठक में ली गयी. शहर के मारवाड़ी धर्मशाला परिसर में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता राजद के नरेश सिंह यादव ने की. जबकि संचालन मोरचा के संयोजक व सपा के जिलाध्यक्ष पप्पू यादव ने किया. बैठक में निर्णय लिया गया कि हर हाल में एससीआरए को बचाया जायेगा. इसके लिए एक प्रतिनिधि मंडल रेल मंत्री से मिल कर उनसे अनुरोध करेगा. साथ ही रेल चक्का जाम किया जायेगा. आंदोलन का शुभारंभ 9 जनवरी से जमालपुर रेल कारखाना के गेट संख्या 3 पर विशाल प्रदर्शन से होगा. बैठक में कहा गया कि इस आंदोलन में आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शहर में नुक्कड़ सभा व महाधरना किया जायेगा. इस मौके पर अशोक कुमार सिंह, राकेश तिवारी, मुरारी प्रसाद, योगेंद्र साव, नीशुतोष कुमार निशु, मो. आजम, मो. मुख्तार, विजय यादव सहित विभिन्न दलों के राजनीतिक नेता मौजूद थे. ——————————-बॉक्स—————————7-9 जनवरी तक हम देगा धरना धरहरा : इरिमी की आग धीरे-धीरे सुलगने लगी है. रविवार को हिंदुस्तानी अवाम मोरचा छात्र संगठन ने धरहरा प्रखंड मुख्यालय में बैठक कर जहां केंद्र सरकार के निर्णय का विरोध किया. वहीं इसके लिए चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया. बैठक की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष आदेश सिंह ने कहा कि यह संस्थान भारतीय रेल का गौरव है और इसे किसी भी शर्त पर बंद नहीं करने दिया जायेगा. संगठन ने 7 से 9 जनवरी तक जमालपुर रेल कारखाना के समक्ष इस मुद्दे को लेकर त्रि-दिवसीय धरना देने की घोषणा की. बैठक में जिला उपाध्यक्ष राजनंदन कुमार, सुमित राज, शुभम कुमार, अमित कुमार, अमन कुमार, अंकेश कुमार सहित दर्जनों छात्र नेता मौजूद थे. —————————बॉक्स————————भारतीय रेल का सरताज है इरिमी जमालपुर : इरिमी भारतीय रेल का सरताज है. इसकी स्थापना 127 साल पूर्व वर्ष 1888 ई में हुआ था. तब इसे रेल कारखाना के टेक्निकल स्कूल के रूप में जाना जाता था. वर्ष 1905 में यहां यूरोपियन अप्रेंटिस तथा बाद में वर्ष 1911 में आर्टिजन अप्रेंटिस का प्रशिक्षण आरंभ हुआ. इस बीच पहले विश्वयुद्ध के दौरान भारतीय रेल की कमजोरी विश्व के सामने आ चुकी थी. तब देश में इंडियन इंडस्ट्रीयल कमीशन का गठन हुआ था. जहां भारतीय अप्रेंटिस मेकेनिक्स को पर्यवेक्षक का प्रशिक्षण आरंभ हुआ. स्पेशल क्लास अप्रेंटिस का पहला बैच इसी टेक्निकल स्कूल में 14 फरवरी 1927 से प्रारंभ हुआ था. सन 1974 में नाम बदल कर बना इरिमी वर्ष 1974 में इसका नाम बदल कर इंडियन रेलवेज इंस्टीच्यूट ऑफ मेकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (इरिमी) कर दिया गया. जिसके रखरखाव की जिम्मेवारी रेलवे बोर्ड को मिली. यह देश का इकलौता संस्थान है जहां फर्स्ट क्लास रेलवे अप्रेंटिस (एससीआरए) का प्रशिक्षण मिलता है. एससीआरए के लिये प्लस-टू स्तर पर यूपीएससी के माध्यम से प्रवेश की व्यवस्था थी. लेकिन इस बार यूपीएससी यह परीक्षा आयोजित नहीं कर रही. विश्व में रही है ख्याति इरमी ने भारत वर्ष ही नहीं बल्कि सकल विश्व में अपनी ख्याति अर्जित की है. अमेरिका के मैसेचूसेटस् इंस्च्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में प्रशिक्षु व्याख्याता के रुप में रहे है. वर्तमान में मुख्य कारखाना प्रबंधक अनिमेष कुमार सिन्हा इसी संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त रेल अधिकारी है. नॉवेल पुरस्कार तक पहुंच इरिमी के प्रशिक्षु ने नॉवेल पुरस्कार भी अर्जित किया है. एससीआरए के 58 बैच के रेल इंजीनियर राजेंद्र कुमार पचौरी को वर्ष 2007 में नॉवेल पुरस्कार से नवाजा गया था. मूल रुप से नैनीताल के निवासी इस रेल इंजीनियर ने इंटर गर्वनमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज के अध्यक्ष के रूप में नॉवेल पुरस्कार हासिल कर इरिमी को एक नये शिखर तक पहुंचाया था. इस वर्ष वार्षिक स्थापना दिवस क अवसर पर यहां से कुल 90 एससीए प्रशिक्षु ने अपना प्रशिक्षण संपन्न कर लिया. जिसमें 12 महिला प्रशिक्षु शामिल है.

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