मुंगेर : वर्ष 2015 गुरुवार को अलविदा कह गया. यह वर्ष मुंगेर जिला के लिए कई मायनों में यादगार रहेगा. खट्टी-मीठी यादों के साथ ही इस वर्ष मुंगेर को कई उपलब्धि भी मिली. लगभग सात वर्ष बाद जहां राज्य मंत्रिमंडल को मुंगेर जिले में स्थान मिला. वहीं क्षेत्र के लोगों के चीर लंबित सपना गंगा रेल पुल पर ट्रायल इंजन भी दौड़ा. साथ ही बिजली के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व सुधार हुआ.
साथ ही बरियारपुर-खड़गपुर पथ स्टेट हाइवे के रूप में चिकनी हो गयी. विकास के क्षेत्र में वर्ष 2015 दो बातों के लिए याद किया जायेगा. पहला कि वर्षांत में मुंगेर में निर्मित रेल पुल पर ट्रायल इंजन का परिचालन किया गया. जिससे इसके शीघ्र चालू होने की आस जग गयी है.
पहली बार पुल पर ट्रायल इंजन के परिचालन सेमुंगेरवासियों के चेहरे खिल गये हैं. क्योंकि दशकों के संघर्ष के बाद वर्ष 2002 के दिसंबर माह में ही तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस पुल की आधारशिला रखी थी. दूसरा उल्लेखनीय कार्य यह रहा कि शहर से लेकर गांव तक बिजली की स्थिति में अभूतपूर्व सुधार हुआ और अब बिजली 20-22 घंटे मिल रही है. जिससे आने वाले समय में लघु, कुटीर एवं घरेलू उद्योग के विकास की संभावना प्रबल हुई है.
सरकार में मिली भागीदारी
वर्ष 2015 में मुंगेर जिले को सात वर्षों के बाद सरकार में भागीदारी मिली. जमालपुर के जदयू विधायक शैलेश कुमार चौथी बार इस सीट से जीत कर राज्य सरकार में काबीना मंत्री बनाये गये.
इससे पूर्व 2008 तक मुंगेर के तत्कालीन विधायक डॉ मोनाजिर हसन सरकार में मंत्री थे. उसके बाद सात वर्षों तक इस जिले की कोई भागीदारी नहीं रही. शैलेश कुमार के मंत्री बनने से जहां जिले में विकास की संभावना बलवती हुई है. वहीं लोगों को भी उम्मीद है कि विकास की पटरी पर मुंगेर पुन: दौड़ेगा.
