ऑपरेशन के बाद महिलाओं को बेड के बदले मिल रहा फर्श फोटो संख्या : 12फोटो कैप्सन : फर्श पर लेटी महिलाएं प्रतिनिधि, मुंगेरसदर अस्पताल दिन प्रतिदिन कुव्यवस्था की चरम सीमा को पार करता जा रहा है. यहां सामान्य मरीजों को चिकित्सकीय सेवा के नाम पर जहां महज खानापूर्ति की जा रही है. वहीं बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद महिलाओं को बेड के बदले खुले फर्श पर लिटाया जा रहा है. ठंड के इस मौसम में अस्पताल प्रशासन का यह रवैया इन महिलाओं के लिए काफी पीड़ादायक व खतरनाक साबित हो रहा. मंगलवार को सदर अस्पताल में दर्जन भर महिला व पुरुष का बंध्याकरण ऑपरेशन किया गया. ऑपरेशन के बाद मरीजों को डेंगू वार्ड में शिफ्ट किया गया. जहां एक भी बेड उपलब्ध नहीं है. उन्हें फर्श पर ही एक गद्दे के सहारे लिटा कर छोड़ दिया गया. जबकि ऑपरेशन के बाद मरीजों को जमीन या फर्श पर लिटाना खतरनाक हो सकता है. मालूम हो कि पुरुष, महिला व शिशु वार्ड में दर्जन भर से ऊपर बेड खाली पड़े हुए हैं. बावजूद बंध्याकरण किये गये मरीजों को फर्श पर लिटा कर छोड़ दिया गया. कहते हैं मरीजधरहरा प्रखंड के माताडीह गांव निवासी जानकी देवी, सदर प्रखंड के चड़ौन गांव निवासी उत्तम चौधरी, शहर के लल्लू पोखर निवासी सुनीता देवी, बेलन बाजार निवासी सरिता शर्मा सहित अन्य ने बताया कि उनलोगों को बेड उपलब्ध नहीं कराया गया है. उन्हें फर्श पर ही भाड़े पर मिलने वाला पतला सा गद्दा दे दिया गया है. जिस पर चादर तक उपलब्ध नहीं है. जिससे वे लोग काफी परेशान हैं. कहते हैं सिविल सर्जनसिविल सर्जन डॉ श्रीनाथ ने कहा कि विभाग द्वारा लक्ष्य को पूरा करने के लिए काफी दबाव दिया जा रहा है. जिसके कारण हर हाल में बंध्याकरण काफी तीव्र गति में किया जा रहा है. बेड नहीं रहने के कारण मरीजों के लिए फर्श पर ही गद्दा बिछा दिया गया है. इससे मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी.
ऑपरेशन के बाद महिलाओं को बेड के बदले मिल रहा फर्श
ऑपरेशन के बाद महिलाओं को बेड के बदले मिल रहा फर्श फोटो संख्या : 12फोटो कैप्सन : फर्श पर लेटी महिलाएं प्रतिनिधि, मुंगेरसदर अस्पताल दिन प्रतिदिन कुव्यवस्था की चरम सीमा को पार करता जा रहा है. यहां सामान्य मरीजों को चिकित्सकीय सेवा के नाम पर जहां महज खानापूर्ति की जा रही है. वहीं बंध्याकरण ऑपरेशन […]
