लापरवाही : नष्ट हो रहे भूदान के महत्वपूर्ण दस्तावेज

मुंगेर : एक ओर जहां अबतक भूदान में प्राप्त जमीन का सही ढंग से बंटवारा नहीं हो पाया है. वहीं दूसरी ओर विनोवा भावे के प्रयासों के फलस्वरूप दान में प्राप्त जमीन के महत्वपूर्ण दस्तावेज रखरखाव के अभाव में नष्ट हो रहे हैं. इसे संरक्षित करने की दिशा में राज्य सरकार व जिला प्रशासन पूरी […]

मुंगेर : एक ओर जहां अबतक भूदान में प्राप्त जमीन का सही ढंग से बंटवारा नहीं हो पाया है. वहीं दूसरी ओर विनोवा भावे के प्रयासों के फलस्वरूप दान में प्राप्त जमीन के महत्वपूर्ण दस्तावेज रखरखाव के अभाव में नष्ट हो रहे हैं. इसे संरक्षित करने की दिशा में राज्य सरकार व जिला प्रशासन पूरी तरह उदासीन बनी हुई है.

यदि यह अभिलेख नष्ट हो जायें तो भूदान में प्राप्त जमीन का कोई दस्तावेज ही नहीं बचेगा. भूदान के अभिलेख की काफी अहमियत है. इस अभिलेख के आधार पर भूदान यज्ञ कमेटी जमीन के संदर्भ में अपना दावा प्रस्तुत कर सकती है. आज जब जमीन की कीमत में कई गुणा बढ़ोतरी होती जा रही और भूदान की जमीन शहरी करण की चपेट में आ रही है.

वहीं दूसरी ओर भूमाफियाओं की नजर भी भूदान की जमीन पर है. मुंगेर में जिला भूदान यज्ञ कमेटी का कार्यालय जिला आपूर्ति पदाधिकारी के कार्यालय के बरामदे पर एक छोटे कमरे में चलता है. यहां काठ के आलमीरा में मुंगेर एवं लखीसराय जिले के तमाम भू अभिलेख यूं ही रखे गये हैं. दस्तावेज की स्थिति यह है कि छूते ही इसके कागज टूटने लगते हैं.

राज्य सरकार भले ही दावा कर ले कि भू-अभिलेखों का कंप्यूटरीकृत किया जा रहा है. लेकिन उन तमाम दावों को झूठला रही है भूदान यज्ञ कमेटी कार्यालय में रखे जीर्ण शीर्ण अभिलेख.कहते हैं मंत्री जिला भूदान यज्ञ कमेटी मुंगेर के मंत्री भैरव मंडल का कहना है कि भूदान के प्रति सरकार का रवैया बिल्कुल ढुल-मुल है. इन दस्तावेजों के रखरखाव की कोई व्यवस्था नहीं है.

जिसके कारण दस्तावेज की स्थिति दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है. बॉक्स60 के दशक में विनोवा आये थे मुंगेर मुंगेर. भूदान के प्रवर्तक विनोवा भावे ने पोचम पल्ली की हिंसा पर काबू पाने के बाद पूरे देश में भूमिहीनों के लिए जमीन मांगने की यात्रा प्रारंभ की जो भूदान आंदोलन के नाम से प्रसिद्ध हुआ. इसी सिलसिले में 60 के दशक में दो बार मुंगेर आये.

उनके साथ आचार्य राममूर्ति, धीरेंद्र मजूमदार सहित अनेक लोग थे और यहां भी लोगों ने अपनी जमीन दी. विनोवा भावे का सपना था कि सबकी अपनी जमीन हो, सबका अपना आसमान. जब अभिलेखों की स्थिति ऐसी है तो यह सपना कैसे होगा साकार.राष्ट्रीय स्तर पर हो भूदान संग्रहालय युवा कांग्रेस के मुंगेर विधानसभा अध्यक्ष तुषार ने कहा कि विनोवा के भूदान आंदोलन हिंसा पर काबू पाने का एक सशक्त जरिया है.

देश के कई राज्यों में जहां भूदान यज्ञ कमेटी खत्म हो चुकी है. लेकिन बिहार में यह अस्तित्व को बरकरार रखने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक भूदान संग्रहालय के गठन की आवश्यकता है. इस दिशा में बिहार राज्य भूदान यज्ञ कमेटी को पहल करने की आवश्यकता है.

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