राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त की पुण्यतिथि पर गोष्ठी

राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त की पुण्यतिथि पर गोष्ठी प्रतिनिधि, मुंगेर ————-अखिल भारतीय साहित्य परिषद एवं बीपी मोदी फाउंडेशन के तत्वावधान में रविवार को राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त की पुण्यतिथि मनायी गयी. उपस्थित साहित्यकारों, कवियों एवं बुद्धिजीवियों ने उनके तसवीर पर माल्यार्पण कर नमन किया. अखिल भारतीय साहित्य परिषद के संरक्षक मधुसूदन आत्मीय ने उन्हें इतिहास […]

राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त की पुण्यतिथि पर गोष्ठी प्रतिनिधि, मुंगेर ————-अखिल भारतीय साहित्य परिषद एवं बीपी मोदी फाउंडेशन के तत्वावधान में रविवार को राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त की पुण्यतिथि मनायी गयी. उपस्थित साहित्यकारों, कवियों एवं बुद्धिजीवियों ने उनके तसवीर पर माल्यार्पण कर नमन किया. अखिल भारतीय साहित्य परिषद के संरक्षक मधुसूदन आत्मीय ने उन्हें इतिहास की उपेक्षित चर्चित नारी पात्रों की पीड़ा का काव्यकार बताया. उन्होंने भारत भारती को लोगों की दृष्टि में चर्चित काव्य बताया. उपाध्यक्ष विमल कुमार मिश्रा ने उनके कृतियों में से उत्कृष्ट कृति जयदथ बघ में कृष्ण द्वारा सूर्य को समय पूर्व अस्त कर पुन: उदित करने के छल को न्यायार्थ निज बंधुओं को भी दंड देने के औचित्य पर प्रकाश डाला. मौके पर कवियत्री आकृति राय, महासचिव अलख निरंजन कुशवाहा, अजय किशोर सिन्हा, रश्मि, नूतन ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किये. इधर बीपी फाउंडेशन द्वारा आयोजित गोष्ठी की अध्यक्षता अध्यक्ष नरेश कुमार गुप्ता ने की. ओमप्रकाश कसेरा ने ” मिली थी देश को आजादी, कितनी मशक्कत करने के बाद ” रचना प्रस्तुत की. सुबोध छवि ने आदमी शीर्षक कविता सुना कर श्रोताओं को झकझोरा. मौके पर नागेश्वर नागमणि, राजेश कुमार निराला, विजय बरतानिया, सुनील कनौजिया, अजय कुमार, शकुंतला शर्मा, किरण शर्मा, दीपक मौर्य, डॉ वासुदेव प्रसाद ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किये.

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