ज्ञान के अभाव में मानव सत्कर्म को भुल जाता

ज्ञान के अभाव में मानव सत्कर्म को भुल जाता फोटो संख्या : 2फोटो कैप्सन : प्रवचन में शामिल श्रद्धालु प्रतिनिधि , बरियारपुर ध्यान साधना केंद्र बरियारपुर में रविवार को ध्यान साधना कार्यक्रम आयोजित की गयी. प्रवचनकर्ता के रूप में रंजीत बाबा मुख्य रूप से भाग लिया. साधना में मौजूद भक्तों ने खूब ध्यान लगाया और […]

ज्ञान के अभाव में मानव सत्कर्म को भुल जाता फोटो संख्या : 2फोटो कैप्सन : प्रवचन में शामिल श्रद्धालु प्रतिनिधि , बरियारपुर ध्यान साधना केंद्र बरियारपुर में रविवार को ध्यान साधना कार्यक्रम आयोजित की गयी. प्रवचनकर्ता के रूप में रंजीत बाबा मुख्य रूप से भाग लिया. साधना में मौजूद भक्तों ने खूब ध्यान लगाया और भगवान की आराधना की. उन्होंने कहा कि ईश्वर सर्व व्यापक होते हुए भी मानव का अंत:करण में सूक्ष्म दृष्टि द्वारा ही दिखाई पड़ते है. ज्ञान के अभाव में मानव सत्कर्म को भूल जाता है, वह धर्मच्युत है. ईश्वर एक है वे सभी के अंदर में विराजमान है. गुरु से युक्ति जानकर अंत:करण कर सुशुम्ना में प्रवेश करने से अपने अंदर विराजमान ईश्वर के दर्शन कर सकते है. मानव जीवन के चार पुरूषार्थ है. अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष. काम और अर्थ से अधिक उपयोगिता धर्म और मोक्ष है. इसे पाकर इंसान मोक्ष प्राप्ति के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहना चाहिए. इसके लिए आध्यात्मिक मार्ग उपयुक्त है. उन्होंने गुरु-शिष्य, अध्यात्म, साधना के संबंध में भी विशेष जानकारी दी. मौके पर सीताराम पासवान, कमल किशोर, मीना देवी, सुरेश गुप्ता, कैलाश मंडल, प्रमोद मंडल सहित दर्जनों श्रद्धालु मौजूद थे.

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