फुटबॉल के आयरन गेट के निधन पर शोकसभा

मुंगेर फुटबॉल टीम के रह चुके थे कोच प्रतिनिधि : मुंगेर अर्जुन अवार्ड से सम्मानित देश के प्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी चंदेश्वर प्रसाद सिंह के निधन पर पोलो मैदान में गुरुवार को एक शोकसभा का आयोजन किया गया. उसकी अध्यक्षता फुटबॉल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मनोज कुमार अरुण ने की. उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन […]

मुंगेर फुटबॉल टीम के रह चुके थे कोच प्रतिनिधि : मुंगेर अर्जुन अवार्ड से सम्मानित देश के प्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी चंदेश्वर प्रसाद सिंह के निधन पर पोलो मैदान में गुरुवार को एक शोकसभा का आयोजन किया गया. उसकी अध्यक्षता फुटबॉल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मनोज कुमार अरुण ने की. उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रख कर मृत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की. वक्ताओं ने कहा कि स्व चंदेश्वर प्रसाद सिंह बिहार के रहने वाले थे. उन्हें फुटबॉल की दुनिया में आयरन गेट कहा जाता था. पूरे एशिया में लोहे का दीवार कहा जाता है. वर्ष 1964 में बीएनआर बंगाल टीम से खेला करते थे. वर्ष 1965 में वे मोहम्मद स्पोटिंग व 1966 से 1971 तक वे मोहन बगान से खेले. वे कैप्टन भी रह चुके हैं. वर्ष 1971 में इंडिया टीम का नेतृत्व भी किया. एशिया फुटबॉल टीम का जब चयन हुआ तो चंद्रेश्वर उसके कप्तान चुने गये. वर्ष 1976 में वे बिहार टीम के कैप्टन भी रह चुके थे. खेल की दुनिया में बेहतर प्रदर्शन करने पर उन्हें देश का प्रसिद्ध अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया. वक्ताओं ने कहा कि मुंगेर जिला में पहली बार वर्ष 1991 में मोइनुल हक कप टूर्नामेंट हुआ था. उस समय स्व चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह मुंगेर टीम के कोच थे. उनके नेतृत्व में टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया था. मौके पर सचिव रवींद्र प्रसाद सिंह, सतीश चंद्र चौधरी, मनोज कुमार अरुण, मो. रजा हसन, राजेश पासवान, सतीश कुमार सिंह, चंदन, मो आफताब, भवेश कुमार आदि मौजूद थे.

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