जमालपुर. इंदरुख पूर्वी पंचायत अंतर्गत गंगटी तालाब दुर्गा स्थान परिसर गौरीपुर में युग तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में शनिवार को पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया. हलिमपुर महिला मंडल और माता भगवती महिला मंडल दौलतपुर के संयोजन में आयोजित इस यज्ञ में 310 याजकों ने अपनी यज्ञ आहुति अर्पित की. जबकि कार्यक्रम में 530 श्रद्धालु सम्मिलित हुए. यज्ञ और ऋषि प्रणीत संस्कार को संपन्न करते हुए यज्ञ आचार्य मनोज मिश्रा ने कहा कि यज्ञ के द्वारा मनुष्य में देवत्व, प्रकृति के पांच तत्व पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश में सात्विकता, समाज में सद्भावना के लिए अनुकूल वायुमंडल निर्मित होता है. ऋषि प्रणीत विभिन्न संस्कारों से श्रेष्ठ सदाचारी, सृजनशील व्यक्ति के निर्माण से सामाजिक चेतना विकसित होती है और सुख शांति पर आधारित देव संस्कृति की स्थापना मार्ग प्रशस्त होता है. नीलम भगत ने गुरु की महिमा और देव स्थापना की गरिमा बतायी. साथ ही तीन गर्भ संस्कार संपन्न कराई. उन्होंने बताया कि अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा चलाए जा रहे महत्वपूर्ण दो अभियान, आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी अभियान से मां की कोख से समाज को नैतिक, सुसंस्कृत, राष्ट्रभक्त प्रतिभाशाली और मूल्य निष्ठ व्यक्तित्व के अवतरण के साथ ही राष्ट्र के लिए उत्कृष्ट युवा शक्ति और सभ्य नागरिकों के निर्माण का उत्तम कार्य किया जा रहा है. यज्ञ में 65 घरों के लिए देव स्थापना, 30 छात्र-छात्राओं के लिए विद्यारंभ, 10 श्रद्धालुओं के लिए गुरु मंत्र दीक्षा, दो के लिए अन्नप्राशन और तीन गर्भस्थ माता के लिए संस्कार संपन्न कराए गए. भक्ति और प्रेरणा से अनुप्राणित वीरेंद्र मिश्र द्वारा प्रस्तुत संगीत के लिए तबले पर संगति अशोक कुमार और विकास ने किया. माैके पर ममता देवी, सुषमा देवी, शोभा देवी, सरिता देवी, सुशीला देवी, अमित शेखर सिंह, विकास, प्रदीप मंडल, राजेंद्र पंडित मौजूद थे.
पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ में 310 याजकों ने दी आहुति
नीलम भगत ने गुरु की महिमा और देव स्थापना की गरिमा बतायी
