मुंगेर : एक ओर जहां स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों की सुविधाओं के लिए विभिन्न प्रकार की व्यवस्थाएं दी गयी है, वहीं सदर अस्पताल में लचर प्रबंधन व्यवस्था के कारण मरीजों को कई प्रकार के सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है.
इससे न सिर्फ मरीजों को ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है बल्कि अस्पताल को भी राजस्व की क्षति हो रही है. सदर अस्पताल में जेनरल वार्डो के साथ-साथ पेईंग वार्ड की भी व्यवस्था की गयी जो पिछले चार साल से बंद है. यहां पर भरती होने वाले मरीजों को 50 रुपये प्रतिदिन की दर से भुगतान करना पड़ता था. इसके लिए सारी व्यवस्थाएं अलग से उपलब्ध करायी गयी थी. वर्तमान समय में पेईंग वार्ड यूं ही खाली पड़ा हुआ है. जरूरतमंद लोगों को भी इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है.
साथ ही इस वार्ड से होने वाली आमदनी भी अस्पताल को नहीं मिल पा रही है. इसे चालू कराने के संबंध में अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रयास तक नहीं किया जा रहा है जबकि पेईंग वार्ड चालू हो जाने से जरूरतमंद लोगों को लाभ तो मिलेगी ही, साथ ही अस्पताल को भी राजस्व की प्राप्ति होगी.
कहते हैं सिविल सजर्न
सिविल सजर्न डॉ जवाहर प्रसाद सिंह ने बताया कि सदर अस्पताल में उनके पदस्थापन के पूर्व से ही पेईंग वार्ड बंद पड़ा है. किस कारण से बंद पड़ा है इसकी जानकारी उन्हें नहीं है.
