फोटो संख्या : 17,18फोटो कैप्सन : प्रवचन देते महाराज व उपस्थित श्रद्धालु प्रतिनिधि, जमालपुर डीडी तुलसी भवन नयागांव में सात दिवसीय साधना शिविर के दूसरे दिन बुधवार को कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रवचन सुनने पहुंचे. प्रवचनकर्ता स्वामी अच्युतानंद जी महाराज ने कहा कि मन को बस करने का तरीका सत्संग में सिखाया जाता है. उन्होंने कहा कि मेहंदी के पत्ते में लाली, दूध में घी एवं फूल में गंध छिपी रहती है. उसी तरह परमात्मा सर्वव्यापी होते हुए भी हमसे छुपे रहते हैं. परमात्मा सर्व व्यापक है और सबके अंदर है. उनका दर्शन बाहरी इंद्रियों से नहीं हो सकता. बल्कि साधना करते-करते जड़ के सभी आवरण छूट जाने पर परमात्मा का दर्शन हो सकता है. जब तक सच्चे सदगुरू से युक्ति प्राप्त करके ब्रह्म ज्योति और ब्रह्मनाद प्राप्त नहीं कर लेते. तब तक इस अंधकूप संसार के परे परमात्मा का साक्षात्कार संभव नहीं. उन्होंने गुरु तीर्थ को सबसे उत्तम तीर्थ बताया. मौके पर विवेक तुलसी, शिव नारायण मंडल, विंदेश्वरी मंडल, डॉ परमानंद मंडल, राजन कुमार चौरसिया, भोमा नंद बाबा, गौतम ब्रह्मचारी, नरेंद्र बाबा सहित दर्जनों महिला व पुरुष संत मत सत्संगी मौजूद थे.
सर्वव्यापक है परमात्मा : स्वामी अच्युतानंद
फोटो संख्या : 17,18फोटो कैप्सन : प्रवचन देते महाराज व उपस्थित श्रद्धालु प्रतिनिधि, जमालपुर डीडी तुलसी भवन नयागांव में सात दिवसीय साधना शिविर के दूसरे दिन बुधवार को कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रवचन सुनने पहुंचे. प्रवचनकर्ता स्वामी अच्युतानंद जी महाराज ने कहा कि मन को बस करने का तरीका सत्संग […]
