बरियारपुर (मुंगेर) से संजीव कुमार की रिपोर्ट. भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने का खामियाजा अब बरियारपुर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है. सेतु टूटने के कारण भारी वाहनों का मार्ग परिवर्तित कर बरियारपुर की ओर कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र की सड़कों पर ट्रकों का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है. इसी बीच, बीते कल की रात एक बड़ा हादसा टल गया लेकिन इसने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया.
तीन बटिया चौक पर ट्रक खराब होने से बढ़ी मुसीबत
गुरुवार की रात बरियारपुर बाजार स्थित व्यस्त तीन बटिया चौक पर एक 14 चक्का वाला विशाल ट्रक अचानक खराब हो गया. ट्रक के ठीक चौक के बीचों-बीच खराब होने के कारण सड़क का मार्ग काफी संकरा हो गया. बगल से केवल एक छोटी गाड़ी के निकलने की जगह बचने के कारण देखते ही देखते तीनों दिशाओं में कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं.
छात्रों, कर्मियों और यात्रियों पर पड़ा बुरा असर
शुक्रवार की सुबह जाम का असर सबसे भयावह दिखा. सड़क पर ट्रकों के रेंगने के कारण:
- स्कूली बच्चे: निजी और सरकारी विद्यालयों की बसें जाम में फंसी रहीं, जिससे बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच सके.
- दफ्तर और यात्री: बरियारपुर स्टेशन जाने वाले यात्री और विभिन्न कार्यालयों में काम करने वाले कर्मी घंटों सड़क पर फंसे रहे.
- जरूरी सेवाएं: अखबार ढोने वाली गाड़ियां और अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहन भी इस जाम की चपेट में आए.
ओवरटेक करने की होड़ ने स्थिति को बनाया गंभीर
जाम के दौरान वाहन चालकों द्वारा एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ (ओवरटेक) ने समस्या को और विकराल बना दिया. संकरी सड़क पर जब दो वाहन आमने-सामने आ जाते हैं, तो पूरी यातायात व्यवस्था ठप हो जाती है.
पुलिस के सामने बड़ी चुनौती
सड़क जाम को नियंत्रित करने में बरियारपुर पुलिस के पसीने छूट रहे हैं. पुलिस प्रशासन के लिए एक साथ कई बिंदुओं पर यातायात संभालना मुश्किल साबित हो रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक खराब ट्रक को क्रेन की मदद से वहां से हटाया नहीं जाता और भारी वाहनों के लिए कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक बरियारपुर को इस “जाम के झाम” से मुक्ति मिलना मुश्किल है.
