अचानक लुढ़का तापमान, दिन भर बादलों से ढका रहा आसमान

मुंगेर : यूं तो नवंबर से फरवरी महीने तक का समय जाड़े का मौसम कहलाता है. किंतु इस बार नवंबर महीने में कोई खास ठंड महसूस नहीं हुई. अग्रहण माह की पूर्णिमा के दिन तापमान में अचानक काफी गिरावट आ जाने से लोगों को अब रात तो रात, दिन में भी ठंड का एहसास होने […]

मुंगेर : यूं तो नवंबर से फरवरी महीने तक का समय जाड़े का मौसम कहलाता है. किंतु इस बार नवंबर महीने में कोई खास ठंड महसूस नहीं हुई. अग्रहण माह की पूर्णिमा के दिन तापमान में अचानक काफी गिरावट आ जाने से लोगों को अब रात तो रात, दिन में भी ठंड का एहसास होने लगा है.

गुरुवार को दिन का अधिकतम तापमान जहां 24 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस पर ही सिमटा रहा. साथ ही दिन भर आसमान बादलों में ढका रहा. जिसके कारण लोगों को दिन में भी गर्म कपड़े पहन कर अपने घर से बाहर निकलना पड़ा.
वैसे दिसंबर और जनवरी यह दो महीना मध्य ठंड के लिए जाना जाता है. जिसे लोग अब महसूस भी करने लगे हैं. वहीं आने वाले दिनों में तापमान का पारा और भी नीचे लुढ़कने की संभावना है. इसके अलावे इस महीने के पहले पखवारे के अंत तक हल्की बूंदा-बांदी होने की भी संभावना है.
गर्म कपड़ों में लिपटने लगे लोग
वैसे तो पिछले एक पखवारे से शाम से लेकर सुबह तक हर कोई गर्म कपड़े पहनना ही पसंद कर रहे थे. किंतु अब लोग दिन में भी गर्म कपड़े पहनने को विवश हो गये हैं. गुरुवार को सुबह से ही सूर्य बादलों के बीच ढ़का रहा. सुबह में लोग धूप सेंकने के ख्याल से अपने घरों के आंगन तथा छतों पर बैठे.
किंतु लोगों को सूर्य का दर्शन ही नहीं हुआ, बल्कि घर के बाहर खुले में और ठंडा ही महसूस हो रहा था. जिसके कारण लोग अपने शरीर से गर्म कपड़े नहीं उतार पाये. हर किसी के मुंह से अनायास ही यह बात निकलने लगी कि अब ठंड बढ़ने लगी है, परहेज से रहना ही बेहतर होगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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