मुंगेर : पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन से मुंगेरवासी खास कर सदर प्रखंड मुबारकचक के लोग काफी मर्माहत थे. क्योंकि विदेश मंत्री रहते हुए उन्होंने सऊदी अरब से मुबारकचक निवासी मो. मोहिब का शव मंगवाया था. जिसके बाद शव उनके परिजनों को मिला.
उनके प्रयास से ही मो. मोहिब के शव को अपने घर के कब्रिस्तान में जगह मिल सका. मामला वर्ष 2016 का है. जब दिवंगत नेता सुषमा स्वराज भारत की विदेश मंत्री थी. मुंगेर के मुबारकचक निवासी मो. मोहिब जो सऊदी में रह कर मजदूरी का काम करता था.
13 जुलाई 2016 को मोहिब की मौत सऊदी में हो गयी थी. जिसके बाद मोहिब के परिवार ने काफी प्रयास किया कि मोहिब का शरीर भारत लाया जा सके. लेकिन पैसे की तंगी के कारण परिवार वाले मुंगेर में ही इधर-उधर भटकता रह गया.
जब उसके परिजन सऊदी के अब्दुल मजीद जिसके यहां मोहिब काम करता था उससे संपर्क किया. तब अब्दुल मजीद ने मो. मोहिब के परिवार से तीन लाख रूपया का डिमांड किया. आर्थिक तंगी की वजह से मोहिब के परिवार इतने पैसे देने में असमर्थ था.
इसी दौरान जदयू के एक नेत्री को मामले की जानकारी हुई और उसने डीएम को मो. मोहिब के परिजनों से मुंगेर डीएम को आवेदन दिलवाया. जिस पर तत्कालीन डीएम ने संज्ञान लेते हुए तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को मामले की जानकारी पत्र के माध्यम से दी. जिसके बाद सुषमा स्वराज के अथक प्रयास से सऊदी से मो मोहिब का पार्थिव शरीर को 5 माह बाद 27 नवंबर 2016 मुंगेर लाया गया था.
जब सुषमा स्वराज के निधन पर पत्रकारों की टीम मुबारचक गांव पहुंची तो गांव वालों ने उनकी मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त किया. कहा कि उनके प्रयास को हमलोग कभी भुला नहीं सकते है. क्योंकि मो. मोहिब को अपने वतन और अपने गांव के कब्रिस्तान में दफनाने का मौका नसीब हुआ. स्व. मोहिब की पत्नी शबीना बेगम एवं उसकी 5 लड़की और 3 लड़का ने भी गहरी संवेदना व्यक्त की.
