मुंगेर : ऑपरेशन में शामिल पुलिस पदाधिकारियों ने बताया कि पहाड़ी व जंगली क्षेत्र में बसे गांवों में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है. वर्षा आधारित जमा पानी वहां के लोग पीने को मजबूर हैं. बीमार पड़ने पर आज भी वहां लोग औषधियों और झाड़-फूक का सहारा लेते हैं. शिक्षा से यहां के बच्चे महरूम है.
जब पुलिस पदाधिकारी पहुंचे तो महिलाओं ने कहा कि हमलोगों के लिए क्या लाये हैं. काफी आशान्वित नजरों से महिलाएं पुलिस को देख रही थी. वहां के लोगों का मूल पेशा खेती और पशुपालन है. जबकि लकड़ी और बीड़ी पत्ता चुन कर बेचने का भी काम करती है. इससे उनके घरों में चूल्हा जलता है.
इतना ही नहीं यहां के अधिकांश लोग दो-तीन महीने में एक बार नीचे उतरते हैं. वह भी राशन-पानी के लिए. बीमारी जब अधिक बढ़ जाती है तो लोग उसे लेकर नीचे उतर कर अस्पताल पहुंचते हैं. यहां तक सरकार की कोई कल्याणकारी योजना नहीं पहुंच पा रही है. पुलिस पदाधिकारी भी वहां के हालात देख कर दंग रह गये.
