मुंगेर : नगर निगम अब शहर के कचरे से कंपोस्ट खाद बनाने की तैयारी में जुटा हुआ है. इसे लेकर नगर निगम द्वारा 30 वार्डों में वेस्ट कंपोस्ट मैनेजमेंट के तहत खाद बनाकर बाजार में उसकी बिक्री भी किया जा रहा. जहां नगर प्रशासन द्वारा अभी 10 वार्डों में बायोकंपोस्टर लगाया गया है.
वहीं 20 वार्डों के कचडों का उठाव कर चुरंबा स्थित अपने डंप यार्ड में कचरे का प्रोसेसिंग कर खाद बना रहा है. वेस्ट मैनेजमेंट के तहत 30 जून तक नगर निगम द्वारा शेष बचे 15 वार्डों में बायोकंपोस्टर लगाया जायेगा.
गीले व सूखे कचरे का अलग-अलग किया जा रहा है उठाव: वेस्ट मैनेजमेंट के तहत शहर के कचरे से खाद बनाने के लिये नगर निगम द्वारा कुछ क्षेत्रों में सूखे व गीले कचड़े का उठाव किया जा रहा है.
जिसके लिये सभी घरों से दो अलग-अलग रंग के डब्बों में सूखे व गीले कचड़े का उठाव किया जा रहा है. जिसमें हरे रंग के डब्बे में सूखा कचड़ा व नीले रंग के कचड़े में गीला कचरे को उठाया जा रहा है. नगर निगम द्वारा अलग-अलग सूखे व गीले कचड़े के उठाव के लिये सभी घरों से 30 रूपये का मासिक शुल्क निर्धारित किया गया है.
घरों से इन सूखे व गीले कचरे को उठाकर वार्ड में लगे बायोकंपोस्टर या डंप यार्ड में गीले कचड़े को रखा जा रहा है. जबकि सूखे कचड़े को डंप यार्ड में डंप किया जा रहा है. जिसके बाद गीले कचरे को वेस्ट कंपोस्ट प्रोसेसिंग कर खाद बनाकर बाजारों में कम दामों पर किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है.
10 वार्डों में लगाये गये हैं बायोकंपोस्टर: गीले कचरे से खाद बनाने का कार्य नगर निगम द्वारा अभी कुल 30 वार्डों में किया जा रहा है. जिसमें केवल 10 वार्ड में बायोकंपोस्टर लगाया गया है. बांकी बचे 20 वार्डों के गीले व सूखे कचरे को उठाकर डंप यार्ड में रखा जा रहा है.
जहां गीले कचड़े से खाद बनाया जा रहा है. लेकिन नगर निगम द्वारा 30 जून तक शेष बचे वार्डों में बायोकंपोस्टर लगाने का लक्ष्य बनाया है. जिन 10 वार्डों में बायोकंपोस्टर लगाये गये हैं.
उसमें वार्ड नंबर 4, 6, 8, 9,15,17,19, 20 व 29 हैं. वहीं वार्ड संख्या 19 में दो जगह गायत्री नगर व पूरबसराय चौक पर बायोकंपोस्टर लगाया गया है. इन सभी वार्डों में 10 फीट चौड़ा, 6 फीट उंचा व 4 फीट बेस का एक पीले रंग का बायोकंपोस्टर लगाया गगया है. जिसमें 3 बॉक्स बने है. जिसमें गीले कचरे में कैमिकल मिलाकर खाद बनाया जाता है.
सभी घरों में दिये जायेंगे दो-दो डस्टबीन: नगर निगम द्वारा सूखे व गीले कचड़े के उठाव के लिये प्रत्येक घरों में दो-दो डस्टबीन दिया जायेगा. जिसमें एक हरे रंग व दूसरा नीले रंग का होगा. जिसमें लोगों को अपने घरों में ही हरे डब्बे में सूखा कचड़ा व नीले डब्बे में गीला कचड़ा रखने को कहा जायेगा.
ताकि कचड़ा उठाने वाले मजदूरों को कचरे को अलग-अलग करने में परेशानी न हो. नगर निगम द्वारा दोनो डब्बों का वितरण फेज वाइज किया जायेगा. जिसमें पांच या छह फेज में वार्डों को बांटा जायेगा. जिसके बाद उन वार्डों के घरों में दोनों रंगों के डब्बों को दिया जायेगा.
कहते हैं नगर आयुक्त
नगर आयुक्त श्रीकांत शास्त्री ने कहा कि शहर को कचरे से मुक्त करने के लिये नगर निगम द्वारा यह कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है. वेस्ट कंपोस्ट मैनेजमेंट द्वारा अभी कुल 30 वार्डों में कचरे का प्रोसेसिंग कर खाद बनाकर किसानों को कम मूल्य पर उपलब्ध कराया जा रहा है. वहीं इसके लिये 10 वार्डों में बायोकंपोस्टर भी लगाया गये हैं. 30 जून तक बांकि बचे वार्डों में भी बायोकंपोस्टर लगा दिया जायेगा.
