मुंगेर : शहर के मनसा नगर स्थित निगम के डंपिंग यार्ड में शनिवार की शाम आग लगा दी गयी. इसके कारण पूरा क्षेत्र धुआं-धुआं हो गया और इसकी दुर्गंध ने लोगों को जीना मुश्किल कर दिया. रात लगभग 10 बजते-बजते लोगों के आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी होने लगी. कई लोग धुएं और दुर्गंध के कारण बीमार पड़ गये. रात में जहां कई लोगों का इलाज सदर अस्पताल में हुआ.
डंपिंग यार्ड के कचरे में लगायी आग, कई बीमार, आंख में जलन व सांस लेने में हो रही थी परेशानी
मुंगेर : शहर के मनसा नगर स्थित निगम के डंपिंग यार्ड में शनिवार की शाम आग लगा दी गयी. इसके कारण पूरा क्षेत्र धुआं-धुआं हो गया और इसकी दुर्गंध ने लोगों को जीना मुश्किल कर दिया. रात लगभग 10 बजते-बजते लोगों के आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी होने लगी. कई लोग धुएं […]

वहीं कई झोलाछाप चिकित्सकों से लोगों ने इलाज कराया. देर रात लोगों को जब लगा कि डंपिंग यार्ड से उठने वाले धुएं से परेशानी हो रही तो स्थानीय लोगों ने एसपी गौरव मंगला को सूचना दी. एसपी के निर्देश पर वासुदेवपुर ओपी पुलिस वहां पहुंची और अग्निशमन दस्ता ने पहुंच कर आग पर काबू पाया. इस घटना के बाद लोगों में कॉफी आक्रोश व्याप्त है.
स्थानीय लोगों ने बताया कि मनसा नगर में निगम का डंपिंग यार्ड है. यहां से 100 मीटर की दूरी पर ही नयागांव है. शनिवार की शाम लगभग चार बजे डंपिंग यार्ड के कचरे में आग लगा दी गयी. शाम छह बजे के बाद नयागांव में धुएं ने धुंध का रूप ले लिया. लोग इससे अनभिज्ञ रहे. लेकिन रात में लोगों के आंखों में जलन होना शुरू हो गया. जबकि कुछ वृद्ध व सांस की बीमारी से ग्रसित लोगों को भी तकलीफ होने लगी. लोग बेचैनी महसूस करने लगे.
लोग कुछ समझ नहीं पा रहे थे. जब घरों के कमरों में प्लास्टिक जलने का दुर्गंध आने लगा तो लोग समझ पाये कि डंपिंग यार्ड में रखे कचरों में आग लगाने से यह समस्या उत्पन्न हो रही है. इसके बाद लोग घरों से बाहर सड़क पर निकले. सभी लोग डंपिंग यार्ड की ओर चले, लेकिन दुर्गंध और धुएं ने उन्हें परेशान कर दिया.
धुएं और दुर्गंध से लोग पड़ने लगे बीमार: जैसे-जैसे धुएं और दुर्गंध का प्रकोप बढ़ा वैसे-वैसे बेचेनी बढ़ने लगी. सबसे अधिक परेशानी वृद्धजनों को सांस लेने में होने लगी. शनिवार की रात 10:30 नयागांव निवासी वृद्ध शहजादा खतून की तबीयत सबसे पहले बिगड़ी. परिजन उसे सदर अस्पताल ले गये. जहां उन्हें ऑक्सिजन लगाया गया. चिकित्सकों ने बताया कि धुएं और दुर्गंध के कारण ऐसा हुआ है. जल्द ही ठीक हो जायेगी.
रात लगभग 12:30 बजे उसे परिजन अस्पताल से लेकर घर लौटे. इसके बाद जुबेदा खातून, मैहरून निशा, जहाना खातून, हरमुन निशा, जुही विलकीश, सहनाज, अब्दुल करीम को तकलीफ हुई तो स्थानीय आरएमपी व ग्रामीण चिकित्सकों से सभी का इलाज कराया गया. जबकि मो खुर्शीद आलम जो पहले से बीमार था. उसकी परेशानी बढ़ी तो उसे प्राइवेट नर्सिंग में ले जाया गया.
एसपी के फोन करने पर पहुंचा अग्निशमन दस्ता
नयागांव के धन्ना मल ने बताया कि परेशान होकर सड़क पर निकले, तो सबसे पहले एसडीओ खगेशचंद्र झा को फोन किया. रात काफी हो गयी थी लेकिन उन्होंने कहा कि देखते हैं क्या हो सकता है. इसके बाद लोगों ने जिले के दो-तीन वरीय पदाधिकारी को फोन किया. लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला. तब एसपी गौरव मंगला के मोबाइल पर फोन किया गया.
उन्होंने न सिर्फ फोन उठाया बल्कि वासुदेवपुर ओपी प्रभारी सर्वजीत को दल-बल के साथ यहां भेजा. तब तक कुछ लोगों ने अग्निशमन दस्ता को भी फोन कर दिया था. ओपी प्रभारी ने भी अग्निशमन दस्ता को खबर किया. लगभग 12:30 बजे रात अग्निशमन दस्ता की टीम पहुंची. जो तीन बजे तक डंपिंग यार्ड के कचरों में लगी आग को बुझाते रही.