मुंगेर/बरियारपुर. यूं तो मौसम विभाग द्वारा पूर्व में ही अलर्ट जारी कर दिया गया था कि 25-27 फरवरी के बीच बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि होने की संभावना है. किंतु 25 फरवरी की रात में जहां हल्की बूंदा-बांदी हुई, वहीं 26 फरवरी की रात तथा 27 फरवरी की सुबह हुई बारिश ने मौसम का मिजाज ही बदल दिया. इस बारिश से जहां कई फसलों को लाभ हुआ तो वहीं कुछ फसलों को नुकसान भी हुआ है. बारिश के कारण तापमान में हल्की गिरावट भी दर्ज की गयी.
मौसम विभाग की मानें तो गुरुवार को भी हल्की बारिश होने की संभावना है.इस बारिश के कारण शहर की सड़कों पर कई जगह कीचड़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. पूरबसराय स्थित रेलवे अंडरब्रिज के समीप व्यापक पैमाने पर जल-जमाव हो जाने के कारण राहगीरों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है. कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान ने बताया कि असमय बारिश के कारण गेहूं, चना, मटर, मसूर, आम तथा लीची के फसल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.
किंतु सरसों व अन्य कोई वैसी तेलहनी या दलहनी फसलें, जिसकी कटाई हो चुकी थी और उसकी तैयारी नहीं की जा सकी थी, वैसे फसलों को इस बारिश से थोड़ा नुकसान होने की संभावना है. इसके अलावा इस बारिश ने गेहूं के पौधों के जड़ों को हल्का कर दिया है. जिसके कारण तेज हवा चलने पर फसलों के गिर कर नुकसान होने की संभावना है. वहीं मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को भी 3 एमएम से अधिक बारिश होने की संभावना है. बरियारपुर प्रतिनिधि के अनुसार प्रखंड के टाल क्षेत्र में बारिश के वजह से दलहनी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है.
रतनपुर, करहरिया दक्षिणी, पूर्वी एवं पश्चिमी पंचायत को मिला कर हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में किसान दलहन की खेती करते हैं. कई जगहों पर तो खलिहानों में भी जलजमाव हो गया है. जिला परिषद उपाध्यक्ष दुर्गेश सिंह, ऋषिकुंड विकास मंच के संयोजक मनोज सिंह, मुखिया संजय कुमार, सुनील कुमार सोलंकी, किसान नरोत्तम कुमार, सुभाष मंडल सहित अन्य ने जिलाधिकारी से फसल क्षति के मुआवजे की मांग की है.
