Motihari News: मोतिहारी. गरीबों के वास-आवास, रोजगार, राशन और सम्मान से जुड़ी मांगों को लेकर अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के आह्वान पर गुरुवार से मोतिहारी अंचल मुख्यालय के समक्ष दो दिवसीय अनशन-सत्याग्रह शुरू हुआ. कामरेड जीतलाल सहनी के नेतृत्व में 13 और 14 अगस्त को आयोजित इस आंदोलन में मजदूरों ने सरकार से गरीब परिवारों के लिए जमीन, आवास, रोजगार, राशन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी मांगें पूरी करने की अपील की.
नौ सूत्री मांगों को लेकर शुरू हुआ अनशन
अनशन के दौरान गरीबों को बासगीत पर्चा देने, भूमिहीन परिवारों को पांच डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने और आवासीय कॉलोनी बनाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई. इसके साथ ही आवास योजना की राशि बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की मांग भी रखी गई.
रोजगार और 700 रुपये दैनिक मजदूरी की मांग
सभा को संबोधित करते हुए कामरेड शंभुलाल यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर कम होने के कारण मजदूर पलायन करने को मजबूर हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा की जगह लाये गये वीबी-जी राम जी कानून के तहत अब तक काम शुरू नहीं हुआ है.
संगठन ने नये ग्रामजी कानून के तहत तत्काल काम शुरू करने और न्यूनतम दैनिक मजदूरी 700 रुपये करने की मांग की.
राशन, दाल और पेंशन बढ़ाने की मांग
आंदोलनकारियों ने सभी गरीब परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने और राशन में दाल देने की मांग की. वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन की राशि बढ़ाकर तीन हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग भी नौ सूत्री मांगों में शामिल है.
दिनेश प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि आशा, रसोइया, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, सफाई कर्मी और बिजली मिस्त्री समेत स्कीम वर्करों को न्यूनतम मजदूरी नहीं मिल रही है. उन्होंने महंगाई और कुपोषण से गरीब परिवारों की बढ़ती परेशानी का मुद्दा भी उठाया.
दलित और अति पिछड़ों की सुरक्षा का मुद्दा उठा
कामरेड रामपुकार राम ने दलित और अति पिछड़े वर्ग के लोगों पर बढ़ते हमलों को लेकर चिंता जताई. संगठन ने अति पिछड़ी जातियों के लिए विशेष सुरक्षा कानून बनाने की मांग की.
शिक्षा और सड़क से जुड़ी मांगें भी शामिल
नौ सूत्री मांगों में शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगाने तथा झिटकहिया (बरवा) मध्य/माध्यमिक विद्यालय को मुख्य सड़क से जोड़ने की मांग भी शामिल है.
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
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